24 HNBC News
24hnbc अचानक 42 पूर्व जज की जगी आत्मा, कहां थे उस समय जब नागरिकों को उनके मताधिकार से किया जा रहा था वंचित
Wednesday, 07 Oct 2026 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026 
जहां एक और पूरे देश में विपक्षी दल चुनाव आयोग की वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं 42 पूर्व जजों ने खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी है। पत्र में पूर्व जजों ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कथित तौर पर कमजोर करने की कोशिशों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बिना किसी ठोस सबूत के लगाई जा रहे बोर्ड चोरी के आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है कहां संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार चोर और मिली भगत बताने से लोकतंत्र में जनता का विश्वास कमजोर होने का खतरा है। यह खुले पत्र की खबर बीबीसी में पीटीआई के हवाले से आई है। 
अब सवाल उठता है कि 42 जज तब कहां थे जब चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के साथ मिलकर खेल कर रहा था और देश के नागरिकों को प्रदत्त संवैधानिक अधिकार वोट देने का हड़पा जा रहा था। ये जज उसे समय कहां थे जब एक व्यक्ति के इशारे पर एक कंप्यूटर प्रोग्राम निर्णय ले रहा था और पूरे देश में कई करोड़ वोटर मताधिकार से वंचित किए गए ऐसे में कई करोड़ बार वोट चोरी को वोट कर कहा जाए तो क्या बुराई है। 
सवाल यह भी उठना है कि जब विपक्षी दल वोट चोरी के मसले पर सड़क पर आ गए और लाखों नागरिक भी आ गए तो 42 पूर्व जज चिट्ठी लिख रहे हैं पर जब चुनाव संहिता का पालन सत्ताधारी दल नहीं कर रहा था और बार-बार शिकायतों के बावजूद चुनाव आयुक्त कार्यवाही भी नहीं कर रहा था तभी यह 42 पूर्व जज कहां थे। यदि उसे समय यह कुर्सी पर बैठे थे तो इनमें से किसी भी जज ने चुनाव आयुक्त की मनमानी पर स्वतह संज्ञान क्यों नहीं लिया क्यों अपनी नजरों के सामने संवैधानिक संस्था को कमजोर होने दिया। व्यक्ति परख होने दिया तब क्या देश को लोकतंत्र खतरे में नहीं था जब देश का प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च न्यायाधीश के घर जाकर आरती कर रहा था तब लोकतंत्र मजबूत हो रहा था या न्यायपालिका मजबूत हो रही थी। अपने विचारों की अभिव्यक्ति के लिए सबको भारत का संविधान एक सी स्वतंत्रता देता है और यदि देश के कई सौ सांसदों को जो निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और लाखों लोग सड़क पर उतरे हैं तो यह माना जाएगा की चुनाव आयोग निष्पक्ष रेफरी के स्थान पर एक टीम खास के लिए खेल रहा है। 
यहां क्रिकेट का एक उदाहरण काफी है। कहा जाता था कि पाकिस्तान को पाकिस्तान में हराना संभव क्योंकि मैदान में पाकिस्तान 12 खिलाड़ियों के साथ उतरता है 11 खिलाड़ी और एक अंपायर और अंपायर दोनों पारी में चाहे पाकिस्तान बैटिंग करें या बॉलिंग वह पाकिस्तान की तरफ से खेलता है। इस समय देश के मुख्य चुनाव आयुक्त कुछ इसी तरह का काम कई सालों से कर रहे हैं।