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24hnbc पूरे अनुविभाग की कमान बदल दी क्या, धूमिल छवि होगी साफ
Friday, 02 Oct 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 3 अक्टूबर 2026। 
1 अक्टूबर के दिन बिलासपुर जिले के सभी पांचों अनुविभाग के एसडीम बदल गए। हालांकि यह कलेक्टर का अधिकार है कि वह बतौर एसडीम किस रखता है। 1 अक्टूबर को आदेश निकलता उसके पहले ही शहर में यह चर्चा आम थी कि बिल्हा की आकांक्षा त्रिपाठी बिलासपुर आ रही है ऐसे ही नारायण गबेल को तखतपुर मिल रहा है लोगों को पता था। यह फेर बदल कुछ इस तरह हुआ कि जनसंपर्क के ऑफिशियल ग्रुप में यह आदेश नहीं था दैनिक अखबारों में भी इसे छोटा सा स्थान मिला और परिणाम की 3 अक्टूबर को भी कुछ दैनिक अखबारों में इसे जगह मिली। इसके कुछ दिन पहले कलेक्टर बिलासपुर ने कार्य विभाजन आदेश भी निकाला था। बिल्हा एसडीएम को बिल्हा के साथ दो और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली वह नजूल अधिकारी बिलासपुर भी हैं और साथ ही उन्हें डीएमएफ भी देखना है। जब नारायण गबेल बिलासपुर में तहसीलदार के रूप में कार्य रत थे तो उनके कई निर्णय अखबारों की सुर्खी बने और सीधे-सीधे उन्हें शंका की नजर से देखा गया कुछ मामलों में तो एफआईआर की नौबत भी आई थी। उनके पास लिंगियाडीह क्षेत्र था और वहां का सर्वाधिक चर्चित मामला भोंदू दास रिक्शावाला आज भी प्रशासनिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसे जिम्मेदार अधिकारी को तखतपुर की जिम्मेदारी मिली है या क्षेत्र वर्तमान में अवैध कॉलोनाइजिंग का गढ़ है। बिल्हा एसडीएम को आलोचना झेलने का इनाम मिल गया लगता है। बिल्हा से सीधा बिलासपुर वह भी त्योहारों के समय पांच अनुविभाग में से दो की कमान महिला एसडीएम के पास है। कोटा में भी महिला एसडीएम ही है, जिले के बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी क्षेत्र में इन दोनों अवैध कॉलोनाइजिंग और रिकॉर्ड दृष्टि कारण के प्रकरणों में जितना लापरवाही चल रहा है उससे निपटना कलेक्टर को भारी पड़ रहा है। 
राजस्व ही ऐसा दर्पण है जो प्रशासन की छवि बनता बिगड़ता है और बिलासपुर की छवि इस मामले में धूमिल है।