जेबी संगठनों के पास लाखों का आवक कहां से धर्मांतरण का मामला इनके तो पूरे कुएं में मिली है भांग
Sunday, 27 Sep 2026 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बिलासपुर, 28 सितंबर 2026।
छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अगुआ अरुण पन्नालाल से अपंजीकृत डायोसिस के अवैतनिक पदाधिकारी लॉरेंस का ऐसा क्या विवाद है कि वे अरुण पन्नालाल के खिलाफ यूट्यूब चैनलों पर खुलकर ऐसे आरोप लगाते हैं जो वास्तविक नहीं है। केवल एक उदाहरण पर्याप्त है। कहां गया कि अरुण पन्नालाल ने मुंगेली के रेम्बो स्कूल में कब्जा कर दिया। इस दौरान जो फुटेज चलाए गए उनमें कहीं भी अरुण पन्नालाल के दर्शन नहीं होते हैं। क्रिश्चियन समाज की कुछ संस्थाएं पंजीकृत है और अधिकतर वो संस्थाएं जो पंजीकृत नहीं है पूरे राज्य में धर्मांतरण का खुला खेल करती हैं बस इनके द्वारा यह ध्यान रखा जाता है की सट्टा अनुकूल कवच पहना जाए और स्वयं को गौ सेवक के रूप में दर्ज कराया जाता रहे। जब कभी भी समाज के अंदर से कोई सही आवाज उठे तो उसे तत्काल चुप कराया जाए, जरूरत पड़े तो उठी आवाज को समाज से बहिष्कृत कर दिया जाए इस समय छत्तीसगढ़ में कोटा, मुंगेली, रायपुर, साहित 60 लोगों से ज्यादा नाम समाज से बाहर कर दिए गए।
एक ऐसी संस्था जो 2013 में ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विधि शून्य घोषित कर दी गई सीएनआई छत्तीसगढ़ में सक्रिय है अपंजीकृत संस्था डायोसिस 19 स्कूल को फर्जी तरीके से चलने वाली छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत और पंजीकृत सीएनआई के बीच स्कूलों का करोड़ों रुपया इस तरह घूमता है कि अवैतनिक पदाधिकारी का जीवन संपूर्ण सुख सुविधाओं के साथ बिताता है। छात्रों के पैसे पर मजा इतना की सुबह का नाश्ता बिलासपुर मुंगेली में, खाना रायपुर में, और रात का डिनर दिल्ली में चल रहा है। फास्टरपुर जैसे छोटे स्थान पर चर्च हैं, परसा पानी में चार्ज चर्च हैं। यही हाल पिथौरा, शक्ति, धर्मजयगढ़, खरसिया का है। जरहागांव, बैथलपुर, विश्रामपुर भी किसी भी तरीके से पीछे नहीं है। सवाल उठता है धर्मांतरण के इस पूरे कुचक्र को जो लोग पोषित पल्लवित कर रहे हैं उनके पास धन कैसे आता है, केवल दो उदाहरण ही पर्याप्त हैं। 2015 की एक पीआईएल के बाद छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के वित्तीय खातों की जांच हुई और कुल मिलाकर 2 वर्ष के भीतर ही 2 करोड़ से ज्यादा का घपला मिला। 2025 में रायपुर के दो व्हिसल ब्लोअर ने बिलासपुर कलेक्टर को लिखित शिकायत की कलेक्टर ने बर्जेस स्कूल की जांच का आदेश दिया शिकायतकर्ताओं का बयान हुआ जांच हुई पर प्रतिवेदन कहीं गायब है। इस स्कूल के भीतर लंबा किराया राशि लेकर एक नर्सिंग कॉलेज संचालित है। इसी स्कूल के वित्तीय साधन से एक इनोवा ली गई पर उपयोग अपंजीकृत डायोसिस के पदाधिकारी करते हैं। बर्जेस स्कूल से ही एक एफडी के विरुद्ध 2 करोड़ का लोन लिया गया और अन्यत्र शाखा में खाता खोलकर कैश कराया गया। पूरा भुगतान एक ठेकेदार के नाम पर गया इतना ही नहीं इसी स्कूल से अभी हाल ही में एक चेक कटा और जिस कारण से चेक लिया गया वह वेतन राशि और कटे हुए चेक की राशि में 20 गुना का अंतर है।
मुंगेली के रेम्बो स्कूल में ऑडिट हुआ और एक्स प्रिंसिपल के नाम पर 346420 का भुगतान दिखाया गया या एक्स प्रिंसिपल मैडम रेम्बो की स्टॉप नहीं है। स्टॉप वो बर्जेस की है बताया जाता है कि एक्स प्रिंसिपल मैडम डायोसिस के अवैतनिक पदाधिकारी छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के कथित पदाधिकारी , संयुक्त मसीही समाज, जेबी संगठन के पदाधिकारी और रेम्बो स्कूल के स्वयंभू मैनेजर जयदीप की रिश्तेदार है। इस स्कूल की ऑडिट रिपोर्ट में जो धन राशि बगैर बिल वाउचर के दिखाई गई है उसे समझ आ जाता है कि 20 लाख रुपए से ज्यादा के बिल वाउचर तो उपलब्ध ही नहीं कराए गए यह राशि डीजल खर्च, सीजी बोर्ड खर्च, यात्रा भत्ता, फंक्शन, मीटिंग, बाइक रैली जैसे मद में डाल दिए गए। सीधी बात है छात्रों के फीस के पैसे से कुछ दूसरा काम किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार है तो ऐसे मामलों की जांच तुरंत हो जानी चाहिए भले ही कथित पदाधिकारी किसी भी राजनीतिक दल का पट्टा डाले हो