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Wednesday, 16 Sep 2026 00:00 am
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बिलासपुर, 16 सितंबर 2026।
देश की बैलेंस सीट पर दो उद्योग पत्तियों का कब्जा है और एक पार्टी की संपत्तियां कई गुना बढ़ चुकी है। इन तीन का हीमोग्लोबिन इतना बढ़ाया गया कि आम आदमी के शरीर से खून निचोड़ा जा चुका है। यह सहयोग नहीं है सीधी डकैती है और नए शब्दों में कहें चौकीदार डकैत है। डिजिटल ट्रांजेक्शन 2000 से अधिक पर टैक्स लगेगा पर चर्चा शुरू करने के लिए 1 तारीख बहुत महत्वपूर्ण है। 8 नवंबर 2016... नोट बंदी की घोषणा हुई और अर्थव्यवस्था का 86 प्रतिशत नगदी सूख गया। मकसद था नगदी को मारना अब धीरे-धीरे भेड़ों को बाड़े की तरफ हांकना शुरू किया। डिजिटल ट्रांजेक्शन की आदत को बढ़ावा दिया गया और सही शब्दों में कहें लत लगाई गई। यहां तक की कुछ विज्ञापनों में तो वर वधु पक्ष के बीच दहेज का लेनदेन भी डिजिटल हो गया। मंदिरों का दान भी डिजिटल हो गया अगस्त 2026 एक माह में यूपीआई पर 24.51 अब ट्रांजैक्शन है। और यह रकम पहुंचती है 29.82 लाख करोड़, कैश को खतम कैसे करने के लिए एटीएम से कैश निकालना महंगा किया चार बार से ज्यादा कैश निकालने पर चार्ज लगाए गए, इस बीच देश का कर्ज कैसा बड़ा है देखें...
2014 में देश की देनदारियां 64.11 लाख करोड़ थी 2025 26 में यह 200.51 लाख करोड़ हो गई। राज्यों का कर्जा 83 लाख करोड़ से बढ़कर 268 लाख करोड़ हो गया। 1947 से 2014 तक 64 लाख करोड़ का कर्जा था अब 136 लाख करोड़ को पार कर चुका है। बजट का 25 से 30% का खर्च ब्याज चुकाने में चला जाता है। इस बीच में अदानी की ग्रोथ 1535 प्रतिशत, अंबानी की ग्रोथ 542 प्रतिशत, भारतीय जनता पार्टी की ग्रोथ 970 करोड़ से बढ़कर 6088 करोड़ हो गई। तो आम जनता का खून चूस कर किसका हीमोग्लोबिन बढ़ाया गया। 2000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगेगा कहते हैं यह जायज है क्योंकि सिस्टम चलने के लिए पैसा तो लगेगा। यहां ध्यान दें 2024-25 में यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए 1922 करोड़ की सब्सिडी दी गई। 25 -26 2196 करोड़ और 2026 - 27 में 2000 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान है। यदि यह सब्सिडी दी जा सकती है तो आम जनता के ऊपर डिजिटल ट्रांजेक्शन पर टैक्स क्यों... क्योंकि आम जनता बेचारी है तो आप उसे मारेंगे। याद रखिएगा 10 साल में उद्योगपतियों का 14 लाख 50000 करोड़ का कर्ज रिटर्न ऑफ किया और कॉरपोरेट टैक्स में 30% को घटाकर 22% किया। इससे जो घाटा हुआ वह 1.25 लाख करोड़ था और डिजिटल पेमेंट की सब्सिडी केवल 2000 करोड़ है तो स्पष्ट नजर आता है चौकीदार डकैत है और यह डकैती केवल तीन लोगों के लिए की जाती है। पहले दो उद्योगपति उसके बाद अपनी पार्टी...।