24hnbc जांच आयोग की रिपोर्ट क्यों नहीं की गई सार्वजनिक NIA कोर्ट का अधूरा न्याय... कांग्रेस
Saturday, 05 Sep 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 6 सितंबर 2026।
23 में 2013 में हुए झीरम नरसंहार में कांग्रेस की पूरी फ्रंट लाइन का सफाया हो गया था। अब इस पर NIA कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट के समक्ष उपस्थित सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है। 16 सितंबर को कोर्ट सजा पर फैसला देगी। कांग्रेस ने इस संदर्भ में एक पत्रकारवार्ता की और NIA कोर्ट के निर्णय को आधा अधूरा न्याय करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी नरसंहार की जांच के लिए 28 में 2013 को जस्टिस प्रशांत मिश्रा जांच आयोग गठित हुआ था पूरे 8 साल में 6 अक्टूबर 2021 को उन्होंने अपनी रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को सौंप पर आज तक उसे बोर्ड को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाना भी संदेह के घेरे में आता है। शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा की साजिश का पर्दाफाश नहीं हुआ। सुरक्षा क्यों हटाई गई, यात्रा का निर्धारित मार्ग क्यों बदला गया, किसने बदलवाया। जब बड़े नक्सलियों ने समर्पण किया था तब सरकार ने दावा किया कि यह झीरम हमले में शामिल थे। उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई NIA ने छत्तीसगढ़ सरकार की पुलिस द्वारा गठित SIT को जांच से क्यों रोका। 2014 में गणपति और रमन्ना सहित 26 फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ फिर चार्जसीट से उनका नाम हठ गया जिस स्तर के आरोपियों को पकड़ा गया क्या वे इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे...।
कांग्रेस ने स्पष्ट आरोप लगाया भाजपा नहीं चाहती झीरम का सच सामने आए जब SIT गठित हुई तो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक न्यायिक जांच के खिलाफ स्टे लेकर आए थे। SIT गठित हुई थी तो NIA स्टे लेकर आई थी NIA कोर्ट का फैसला आने के बाद झीरम पर एक बार फिर से आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। आज की पत्रकार वार्ता में जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व शहर विधायक शैलेश पांडे उपस्थित थे।