24 HNBC News
शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगाने का झांसा नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार की ठगी, प्रणव अवस्थी के खिलाफ FIR
Wednesday, 02 Sep 2026 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
बलौदाबाजार, 3 सितंबर 2026। 
शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 50 हजार रुपये लेने के आरोप में प्रणव अवस्थी पिता कृष्ण अवस्थी के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, कलश राम ध्रुव निवासी ग्राम खेमड़ा, थाना कोमाखान, जिला महासमुंद की अप्रैल 2026 में प्रणव अवस्थी से पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान प्रणव ने शिकायतकर्ता को शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए करीब 1.50 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दिए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, नौकरी लगने की उम्मीद में उसने अलग-अलग समय पर प्रणव अवस्थी को कुल 50 हजार रुपये दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। इस दौरान दोनों के बीच मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के माध्यम से नौकरी तथा पैसों को लेकर बातचीत होती रही। शिकायत में यह भी कहा गया है कि नौकरी से संबंधित कुछ दस्तावेज व्हाट्सऐप के जरिए भेजे गए थे।
जब नौकरी नहीं लगी तो शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इस पर उसे रकम लौटाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन पैसे वापस नहीं किए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की शिकायत की और बैंक लेन-देन से संबंधित जानकारी सहित अन्य दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराए।
पहले से चल रहे मामलों के बीच एक और FIR
गौरतलब है कि आरएमए के कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश और नौकरी लगाने से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा से निष्कासित पूर्व जिला महामंत्री कृष्ण अवस्थी और उनके पुत्र प्रणव अवस्थी के खिलाफ पहले से कार्रवाई चल रही है। दोनों के जेल में निरुद्ध होने के बीच अब प्रणव अवस्थी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने की शिकायत पर अलग से FIR दर्ज हुई है।
पुलिस अब मामले में बैंक लेन-देन, व्हाट्सऐप चैट, नौकरी से संबंधित दस्तावेज और शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले की जांच अधिकारी उप निरीक्षक संजना नायक हैं।
 एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच जारी है; आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।