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24hnbc प्रेस क्लब और पत्रकारों की गृह निर्माण सहकारी समिति के बीच आर्थिक घोटालों की चर्चा, निचले स्तर पर पहुंचे आरोप प्रत्यारोप
Saturday, 22 Aug 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 23 अगस्त 2026। 
बिलासपुर प्रेस क्लब में जब कभी भी चुनाव होते हैं तो उसके पूर्व सदस्यता होती है। सदस्यता के समय एक मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता है आपराधिक छवि के लोगों को पत्रकार के रूप में प्रेस क्लब की सदस्यता न दी जाए। 22 अगस्त 2026 को बिलासपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली के खिलाफ प्रेस क्लब के कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव ने एक एफआईआर दर्ज कराई इस फिर के पहले पूर्व अध्यक्ष इरशाद अली दे कैलाश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। अब एफआईआर - एफआईआर के खेल में पूर्व में दर्ज शिकायतें और एफआईआर का भी उल्लेख हो रहा है। 
असल में पूरा मामला वहां से शुरू होता है जब प्रेस क्लब बिलासपुर में चुनाव जीतने के उद्देश्य से प्रेस क्लब पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति का गठन हुआ। दिखावे के लिए पत्रकारों को उचित दर पर जमीन देना इसका उद्देश्य था पर हिडन एजेंडा यही था कि जमीन देने के नाम पर प्रेस क्लब बिलासपुर के सदस्यों का वोट अपने कंट्रोल में रखा जाए। जब कभी भी किसी पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है तो पत्रकारों से जुड़े संगठन अपने सदस्य के पक्ष में पुलिस प्रशासन के समक्ष खड़े होते हैं यदि मामला खबरों को उजागर करने के कारण है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में है तो यह मेहनत सफल हो जाती है। पर जब कभी मामला आर्थिक घोटाले के संबंध में है तो यह लॉबी सफल नहीं होना चाहिए। गृह निर्माण सहकारी समिति में सदस्यों को जमीन आवंटित करने के पीछे बहुत से आर्थिक अनियमिताओं की चर्चा है। जानकार बताते हैं कि गृह निर्माण सहकारी समिति का गठन ही नियमों का उल्लंघन करके हुआ। सहकारिता का नियम कहता है कि गृह निर्माण सहकारी समिति का सदस्य राज्य के भीतर अन्य किसी जमीन या मकान, अचल संपत्ति का मालिक नहीं हो सकता पर प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति में ऐसे बहुत से सदस्य थे जो राज्य के भीतर अचल संपत्ति के मालिक हैं। अन्य ग्रह निर्माण सहकारी समिति का सदस्य इस समिति का सदस्य नहीं हो सकता इस नियम का भी उल्लंघन हुआ। तथ्य तो यहां तक है कि एक पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति का सदस्य बनना चाहता था उसने तत्कालीन अध्यक्ष जो एक दैनिक अखबार में वैतनिक नौकरी करते थे को उनके कार्य स्थल पर संबोधित मनी ऑर्डर से सदस्यता शुल्क भेज दिया तो अध्यक्ष महोदय ने कई दिन तक की छुट्टी ले डाली नियम अनुसार मनी ऑर्डर निर्धारित समय अवधि के पश्चात वापस हो गया और उसे पत्रकार को गृह निर्माण सहकारी समिति की सदस्यता नहीं मिली जबकि ऐसा भी उदाहरण है की प्रेस क्लब के सदस्यता ना होने के बावजूद जमीन पहले आवंटित कर दी गई और बाद में उसे प्रेस क्लब की सदस्यता दी गई। गृह निर्माण सहकारी समिति के नियमों के अनुसार प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति ने कभी भी काम नहीं किया यही कारण है कि समिति पर एक से अधिक बार रिसीवर बैठे। स्वयं को लोकतंत्र का चौथा खंभा बताने वाले यह लोग प्रशासन पर हमेशा दबाव डालते रहे और काम नहीं करने दिया। जब कभी भी निरीक्षक ने दस्तावेज मांगे उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष जो दिवंगत हो चुके हैं के खिलाफ बिलासपुर सिविल लाइन थाने में न केवल शिकायत थी बल्कि सदस्यों ने शपथ पत्र देकर पैसा जमा करने के कथन किए थे जमीन नहीं पाए थे तो जांच चाहते थे। ऐसी ही एक शिकायत एक अन्य अध्यक्ष के खिलाफ हुई सहकारी विभाग के पत्राचार कहते हैं कि विभाग ने भी सहकारी समिति के खिलाफ जांच की बात कही थी। आमतौर पर जब कभी भी प्रेस क्लब का अध्यक्ष और सहकारी समिति का अध्यक्ष एक ही व्यक्ति रहा तो आर्थिक घोटाला ज्यादा हुआ।
प्रेस क्लब बिलासपुर में चुनाव 2025 के बाद आपसी विवाद जोर शोर से उठते रहते हैं और स्पष्ट रूप से गुटबाजी नजर आती है जबकि चुनाव में एक ही पैनल के सभी प्रत्याशी चुनाव जीते और पदाधिकारी हैं पर विगत दिनों कुछ ऐसा हुआ कि दो पदाधिकारी सचिव और कोषाध्यक्ष स्पष्ट रूप से पाला बदलकर दूसरे खेमे में जा बैठे और आरोप प्रत्यारोप अब निचले स्तर पर है।