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24hnbc किसे आइसोलेट करेगा प्रधान सेवक का सिविल डिफेंस सिस्टम
Sunday, 16 Aug 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 17 अगस्त 2026। 
15 अगस्त के दिन प्रधान सेवक का जो भाषण लाल किले के प्राचीर से हुआ उसने बता दिया की भाषण देने वाला भारत को किस तरह बांटने वाला है। जब उन्होंने कहा कि वे सिविल डिफेंस सिस्टम को लेंगे तब हर दिमाग वाले का कान हिल गया क्योंकि धुर दक्षिणपंथी बुद्धि जर्मनी इटली से ही संचालित होती है। जर्मनी में नाजी हिटलर था और उसी ने सिविल डिफेंस सिस्टम को लागू किया था। उसके राजनीतिक दल का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी एन एस डी ए पी 1920 से 1945 धुर दक्षिण पंथी देश जब बेरोजगारी बढ़ी तो जवाब देही के स्थान पर राजनीतिक अतिवाद का उपयोग किया गया। यह स्थिति भारत में अब दिख रही है। जो कोई भी कुछ पूछे तो कभी उसको टुकड़ा गैंग कभी पाकिस्तान कभी अर्बन नक्सल और अब दिमागी नक्सल। बड़ी मजेदार बात है कि ऐसे शब्दों पर जब संसद में बात आती है तो सरकारी शब्दकोश में ऐसा शब्द नहीं है। खुद मोदी सरकार के नुमाइंदे ने संसद में बताया है 
11 मार्च 2020 को राज्यसभा में टीएमसी सांसद शांता छेत्री आ तारांकित प्रश्न संख्या 1978 का उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा शहरी नक्सली शब्द का प्रयोग नहीं किया जाता उन्होंने आगे कहा यद्यपि सरकार को राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना शहरी गतिविधि सहित अपने सभी रूपों में वामपंथी उग्रवाद एल डब्ल्यू यू आई को संबोधित करती है लेकिन भारतीय कानून या नीति के तहत शहरी नक्सलियों के लिए कोई अधिकारिक वर्गीकरण या परिभाषा नहीं है। सरकार की डिक्शनरी में अर्बन नक्सल शब्द नहीं था फिर भी बार-बार इसे उपयोग किया गया है और लोगों का अपमान किया गया, उन्हें प्रताड़ित किया गया। एक समय था जब विकलांगता एक पारिभाषिक शब्द था और उसे सरकार ने दिव्यंगता में परिवर्तित कर दिया। दोनों परिभाषित हैं हिंदी पट्टी में आम बोलचाल की भाषा में संधि लोगों को मानसिक विकलांग कह दिया जाता था अब वे ही लोग दिमागी नक्सल शब्द ले आए इसे कोई परिभाषित नहीं करेगा पर जिस सिविल डिफेंस सिस्टम की बात की जा रही है उसमें जो भर्तियां हो रही है उनमें विश्व हिंदू परिषद, बजरंगदल, गौ रक्षक से ही भारतीय होगी और जब उन्हें इशारा मिलेगा की दिमागी नक्सली को आइसोलेट करो तो देश के भीतर क्या स्थिति होगी अंदाज लगाइए। हमने कोविड काल में आइसोलेट करने के तौर तरीके देखे हैं। सिविल डिफेंस सिस्टम इस दिशा में उठा एक कदम है। देश में एक वर्ग को श्रेष्ठ और दूसरों को अछूत बनाने का क्रम प्रधान सेवक पर भारी पड़ने वाला है।