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24hnbc दार्शनिक दृष्टिकोण से सरकार का अस्तित्व खत्म हो गया है
Monday, 27 Jul 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 28 जुलाई 2026। 
देश की केंद्र सरकार राजनीति के रूप से भले कायम हो दार्शनिक दृष्टिकोण से समाप्त हो गई है। 12 साल के बनाये हुए दबाव को 30 साल से कम उम्र के नौजवानों ने 5 दिन में खत्म कर दिया। सुबह लाठी खाई शाम को पार्टी बनाई। जंतर मंतर के जैन जी के आंदोलन पर अमेरिका में पढ़ने वाली एक सामान्य छात्र ने पूछने पर कहा पुलिस का काम प्रोडक्ट करना होता है पीटना नहीं और भारत सरकार हर साल हर परिवार से पौने दो लाख रुपए का टैक्स वसूल करती है। काम बदले में प्रोटेक्ट करना ही है क्योंकि भारत में ना तो सबको हथियार रखने की अनुमति है ना ही निजी सेवा बनाने की, तो सरकार का पहला काम है अपने नागरिकों को प्रोटेक्ट करना इसे भूलकर सरकार ने पनिश किया। देश में 30 साल से कम आयु वर्ग की संख्या 70 करोड़ है। और 70 करोड़ के मन से 12 साल का दबाव झटके में निकल गया। राजनीतिक रूप से संसद में सरकार होगी पर करोड़ों नागरिकों के मन में सरकार की अवधारणा दार्शनिक रूप से समाप्त हो गई। 
इसे एक अन्य तरीके से भी समझा जा सकता है एक होती है धौंस एक होती है ताकत जब धौंस ताकत के सामने आती है तो उसकी हवा हवाई उड़ते देर नहीं लगती। इसके पहले भी दो बार धौंस को ताकत ने उसकी स्थिति दिखाई थी। कृषि बिल, समान नागरिक संहिता जिस तरह धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया पर माफी नहीं मांगी इस तरह देश के प्रधानमंत्री ने भी कृषि कानून वापस लिए थे पर राष्ट्रीय प्रसारण में उन्होंने माफ़ी न मांग कर अपनी तपस्या में कमी बताई थी ये सब शंख और ढपोरशंख के उदाहरण है। जब कभी आवाम सीधे सड़कों पर आया उसने अपने शंख को बजाय और सरकार के ढपोरशंख होने को बताया। दिल्ली के जंतर मंतर के आंदोलन को मुंबई जैसे सदा व्यस्त रहने वाले शहर में समर्थन मिला इसका सीधा अर्थ है युवा के तार आपस में जुड़े हैं। इसी आंदोलन ने गुजरात के 25 साल के मॉडल को एक्सपोज किया। अहमदाबाद, गांधीनगर, जामनगर गुजरात के कई शहरों में जंतर मंतर के आंदोलन को समर्थन दिया। बिहार के चुनाव प्रचार के दौरान प्रधान सेवक ने रील बनाने को उद्योग बता दिया था और इसे पैसा कमाया जा रहा है बताया था। इस आयु वर्ग ने प्रधान सेवक को जो कहा है वह लिखा नहीं जा सकता तो मान लीजिए कि प्रधानमंत्री के नाम के आखिर में हम जी लगते हैं पर वे युवा उन्हें क्या कहते हैं सोशल मीडिया पर जाकर सुन लीजिए तो उसी दर्शन के अनुसार सरकार में युवाओं की नजर में खत्म है।