एसडीएम और तहसीलदार पर कलेक्टर करें कार्यवाही .... छक्कन राजस्व मंत्री के क्षेत्र में राजस्व का बुरा हाल, किसान परेशान प्रशासन सुस्त
Wednesday, 15 Jul 2026 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बलौदाबाजार, 16 जुलाई 2026
जिले में कई तरह की खबर पढ़ने देखने सुनने को मिलते रहता है और अब तो हद हो गई की भाटापारा तहसील में अनूठी गढ़ रही कहानी सुनाने को मिल रही है और ताजा जानकारी के अनुसार छक्कन दास मनहरे निवासी ग्राम तुरमा के किसान जो लगातार 2017 से लेकर अभी तक ग्राम तुरमा के हल्के के नक्शे में हुई पटवारी के द्वारा छेड़छाड़ की वजह से अपने लगभग 7 से 8 खसरे का जो आज के दिनांक में अतिक्रमण, शासकीय जमीन और दूसरे जगह जमीन इस तरह से अभी के मैनुअल नक्शे में दिखाने जैसा प्रतीत हो रहा है इन सभी बातों को लेकर के लगातार किसान तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर से लेकर मंत्री तक पहुंच रहा है और उनका आवेदन यह बता रहा है कि वह लगातार अपने काम के प्रति प्रयासरत रहते हैं मगर प्रशासन की शिथिलता और अड़ियल रवैया से आज तंग आ चुका है खास बात यह है कि पटवारी अपना काम सही तरह से ना करके उल्टे दिशा में गंगा प्रवाहित किया और अब उनको राजस्व निरीक्षक भी ध्यान नहीं दे पाए और अब तो बड़ी विडंबना यहां हो गई थी तहसीलदार जो राजस्व विभाग के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कहलाते हैं उनको भी ज्ञात होने के बावजूद भी या गलती बार-बार पुनरावृति हो रही है और जो पूरा सुपरविजन की जिम्मेदारी होती है राजस्व के दंडाधिकारी माने जाते हैं एसडीएम,उन्हें भी मालूम है कि लगातार इस तरह का पत्र व्यवहार हो रहा है मगर वह भी सिर्फ आदेश और निर्देश पर ही टिके हुए हैं ऐसे में किसान बेबस और लाचार होते हुए पुनः जिलाधीश के पास आवेदन करने पहुंच जाते हैं जिसमें उन्होंने इस बार तो पटवारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए तथा प्रकरण का निराकरण नहीं करने और सीलिंग जमीन का बंदरबांट होने में अभी तक विधिवत कार्यवाही नहीं होने की दशा और दिशा को देखते हुए जिलाधीश से आवेदन के माध्यम से एसडीएम और तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है।अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पर एसडीएम और तहसीलदार किस प्रकार से मामले को संज्ञान में लेकर किसान के प्रकरण का निराकरण जल्द करते हैं क्योंकि यह मामला 2017 से अभी तक चले आ रहा है मगर कोई भी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट इस मामले को 100% समय देते हुए ध्यान नहीं दे पा रहे हैं या फिर ध्यान से भटक रहे हैं या फिर उनको किसी के माध्यम से भटकाया जा रहा है ऐसा प्रतीत हो रहा है और इस जिले में राजस्व विभाग से ही प्रताड़ित होकर सुहेला तहसील से परशान होकर किसान ने कीटनाशक जहर का सेवन कर लिया था, लवन तहसील में भी डोंगरीडीह के मामले में पटवारी ने सीधा जमीन का बटांकन करके भारी भरकम पैसा लेकर के दूसरे का नाम जमीन को अंकित कर दिया और ताजा जानकारी के अनुसार एक किसान ने तो नायब तहसीलदार की प्रताड़ना को लेकर के आखिर एक ट्रैक्टर को छोड़ एक ट्रैक्टर को जप्ती बनाया और एक ट्रैक्टर में कार्यवाही की है मगर वह भी उसी दिन ही थाने से बाहर चली गई और राजस्व विभाग के ही क्रियाकलाप को देखते हुए उन्होंने भारी पैसा की मांग को लेकर सदमे में आकर स्वयं कीटनाशक जहर का सेवन कर लिया और अब ग्राम तुरमा निवासी छक्कनदास मनहरे के साथ भी राजस्व विभाग की अठखेलियां जारी है तो अब क्या कहें क्योंकि इस विषय पर राजस्व विभाग अभी तक कोई अपने उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से या फिर मीडिया को सीधा जवाब आज तक नहीं दे पा रही है कि आखिर किस वजह से उनके प्रकरण का निराकरण नहीं हो रहा है या फिर नक्शे में छेड़छाड़ किया वह सही है या नहीं,क्योंकि राजस्व विभाग ने हीं आदेश किया था तभी वसीयतनामा के आधार पर केस चलने के बाद छक्कनदास मनहरे के नाम पर अभिलेख में वह जमीन दर्ज हुई अब देखने वाली बात यहां होगी कि जिलाधीश के जांच के निर्देश के बाद क्या एसडीएम और तहसीलदार एक्शन लेकर काम करती है या फिर मामला इसी तरह से बना रहेगा खबर अभी बाकी है वह अगले अंक में संबंधित सभी अधिकारियों का पक्ष लेकर खबर पुनः प्रकाशित करेगी.....