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रोजगार और विकास को लेकर ग्रामीणों में दिखा उत्साह सरगांव में कुसुम प्लांट की जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब
Friday, 10 Jul 2026 18:00 pm
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मुंगेली/बिलासपुर छत्तीसगढ।
जिले के सरगांव क्षेत्र में प्रस्तावित कुसुम प्लांट की जनसुनवाई शुक्रवार को कलेक्टर की उपस्थिति में संपन्न हुई। जनसुनवाई में सरगांव सहित आसपास के प्रभावित 10 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण, किसान, युवा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत आयोजित इस सुनवाई में अधिकांश लोगों ने प्लांट को क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी बताते हुए अपना समर्थन दिया।
रोजगार को लेकर सबसे ज्यादा उम्मीद
जनसुनवाई की शुरुआत जिला प्रशासन के अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों के प्रेजेंटेशन से हुई। कंपनी की ओर से बताया गया कि कुसुम प्लांट अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा और इसमें प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों का पालन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने माइक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले 10-15 सालों से सरगांव क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग नहीं लगा है, जिसके कारण युवाओं को काम के लिए रायपुर, बिलासपुर और दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है। 
सरगांव के युवा र्ने कहा, "अगर प्लांट लगता है तो हमें अपने गांव के पास ही नौकरी मिल जाएगी। पढ़ाई करके भी हम बाहर भटक रहे हैं। कंपनी स्थानीय लोगों को स्किल ट्रेनिंग देकर रोजगार दे, यही हमारी मांग है।"  
महिलाओं ने भी स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम मिलने की उम्मीद जताई।
CSR और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि कंपनी CSR फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क के लिए करे। 
ग्राम सरपंच ने कहा, "हम विकास के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन शर्त ये है कि कंपनी हमारे गांव की सड़कें बनाए, स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की व्यवस्था करे और हमारे बच्चों के लिए स्कूल को अपग्रेड करे।" इस पर कंपनी प्रबंधन ने सहमति जताते हुए कहा कि प्लांट शुरू होने के पहले साल से ही CSR के तहत गांव में कौशल विकास केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और पेयजल योजना शुरू की जाएगी।
किसानों ने भी मांग की कि प्लांट के लिए ट्रांसपोर्ट और कच्चे माल की खरीदी में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसानों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण का आश्वासन
कई लोगों ने पर्यावरण को लेकर सवाल उठाए। इसके जवाब में कंपनी के पर्यावरण विशेषज्ञ ने बताया कि प्लांट में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक, एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम और 33% क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित की जाएगी। राखड़ और अपशिष्ट का उपयोग ईंट और सड़क निर्माण में किया जाएगा। 
पर्यावरण अधिकारी ने कहा कि सभी मापदंड पूरे होने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। समय-समय पर मॉनिटरिंग भी होगी।
प्रशासन ने दर्ज किए सभी सुझाव
जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे अपर कलेक्टर ने कहा कि आज आए सभी लिखित और मौखिक सुझावों को रिकॉर्ड कर लिया गया है। इन सुझावों को पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिना पर्यावरणीय मंजूरी और जनहित को ध्यान में रखे कोई भी काम शुरू नहीं होगा। स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देना कंपनी की जिम्मेदारी होगी।
जनसुनवाई के अंत में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि कुसुम प्लांट से सरगांव का भाग्य बदलेगा। हम विकास चाहते हैं और कंपनी से उम्मीद है कि वह हमारे साथ मिलकर चलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुसुम प्लांट शुरू होने से मुंगेली जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, राजस्व बढ़ेगा और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।