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24hnbc राजनीति से करना था किनारा पर होगी खूब राजनीति
Friday, 26 Jun 2026 00:00 am
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बिलासपुर,26 जून 2026।
सिरगिट्टी की शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 2026 - 27 के लिए शाला प्रबंधन समिति का गठन हो गया। गठन के बाद बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है और सोशल मीडिया पर बधाइयां भी दी जा रही है। सभी शासकीय अशासकीय स्कूलों में शाला प्रबंधन समिति का गठन अनिवार्य है और इसके लिए सरकार ने दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। 12 जून महानदी भवन रायपुर से छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर और समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को सचिव छत्तीसगढ़ शासन डॉ कमल प्रीत सिंह के हस्ताक्षर से यह दिशा निर्देश जारी हुआ है। सिरगिट्टी की शाला में अभी प्रवेश चल ही रहे हैं, स्कूल खुले हुए एक हफ्ता ही बीता है और बड़े त्वरित गति से समिति प्रबंधन चुन ली गई। इस संदर्भ में जब स्कूल के प्राचार्य से बात हुई तो उन्होंने बताया कि स्कूल में लगभग 1000 छात्र हैं। पर मीटिंग में 20 से कम पालक ही उपस्थित हुए प्राचार्य ने माना कि पालको की इतनी कम उपस्थिति ठीक बात नहीं है। पर उन्होंने कहा कि वह 3 साल से यहां पदस्थ हैं और कई बार उन्होंने प्रयास किया कि शाला की विभिन्न मीटिंग में बुलाए जाने पर पालकों को आना चाहिए पर नहीं आते। 
इस मीटिंग में गायत्री मनोज दुबे को सर्वसम्मति से शाला समिति का अध्यक्ष चुना गया। वो सत्ताधारी दल भाजपा की जिला मंत्री हैं। जबकि शासन के दिशा निर्देश कहते हैं कि समितियां से नेताओं की छुट्टी होगी। और अब अभिभावक ही चंगे अध्यक्ष, ठीक है कि अध्यक्ष महोदया का बेटा या बेटी स्कूल में अध्यनरत हो सकता है पर क्या यह नैतिक आदर्श का विषय नहीं है कि सत्ताधारी दल के पार्टी संगठन पद पर होने के बाद समिति का अध्यक्ष पद न लिया जाए। सिरगिट्टी क्षेत्र के भीतर कई जन-प्रतिनिधि ऐसी बैठक की आलोचना करते हैं। वे प्रश्न उठते हैं कि पालको की बैठक के लिए क्या और इंतजार नहीं किया जा सकता था। 
पालको के बीच क्या अन्य कोई भी विकल्प मौजूद नहीं था चुनाव हो जाने के बाद जो विज्ञप्ति जारी हुई है उससे स्पष्ट पता चलता है कि मामला गड़बड़ था। जिन लोगों ने एक दूसरे के नाम प्रस्तावित किया उन सब का संबंध कहीं ना कहीं सत्ताधारी राजनीतिक दल से है। सोशल मीडिया पर शाला विकास समिति गठन के बाद जो पोस्टर जारी हो रहा है उसमें भी क्षेत्रीय विधायक से लेकर बड़े नेताओं के फोटो नजर आते हैं। जिससे यह समझ आता है कि शालाओं की प्रबंधन विकास समिति में खूब राजनीति होने वाली है।