24hnbc जन भावना की कतई नहीं करतीं चिंता, भाजपा को पता है सत्ता में रहकर चुनाव कैसे जीतना है
Thursday, 18 Jun 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 19 जून 2026।
महंगाई, रोजगार, नौकरी, भ्रष्टाचार, वंशवाद यह सब वे मुद्दे हैं जिन पर कभी भारतीय जनता पार्टी ने वोट लिया और प्रदर्शन करके जन भावनाएं खड़ी की, आज इन मुद्दों पर जो बात करता है और जनता को अपने साथ खड़ा करता है तो भाजपा और उसकी चाटुकार मीडिया ऐसे लोगों को जन भावना भड़काने वाली बताती है। उसका पाकिस्तान कनेक्शन ढूंढती है। लगता है कि भारतीय जनता पार्टी इतनी बड़ी इतनी ताकतवर हो गई है कि उसे जनभावना का कतई ख्याल नहीं है। यह कोई सिंड्रोम है की भाजपा के विरोध के मन स्थिति के बावजूद इस को वोट दे दिया जाता है। या फिर राहुल गांधी के आरोप में दम है कि लाखों लाख वोटरों के नाम काट के उन्हें हटा दिया जाता है। जन भावनाओं के खिलाफ काम करके भी चुनाव जीतना इस विश्लेषण की ओर भी ध्यान देता है कि किसी ने धर्म तत्व, जाति, सांप्रदायिकता विभाजन को इस तरह खेल दिया है की चुनाव के मुद्दे और वोट के मुद्दे अलग-अलग हैं।
चर्चा किया जाए पहला मुद्दा भ्रष्टाचार- भारतीय जनता पार्टी ने खुले दिल से भ्रष्टाचारियों को अपने राजनीतिक दल में शामिल किया है या उनके साथ सरकारी बनाई है। पहला उदाहरण महाराष्ट्र के अजीत पवार, उनके भ्रष्टाचार का एक ही बिंदु देखें 70000 करोड़ का सिंचाई घोटाला। केंद्रीय गृहमंत्री ने क्या नहीं कहा था। चक्की पिसवाई थी और उन्हीं को उपमुख्यमंत्री बनाया। हेमंता विश्वाशरर्मा सीबीआई उनकी जांच कर रही थी फिर वे भाजपा के मुख्यमंत्री हैं, सुवेंदु अधिकारी स्टिंग ऑपरेशन में कमरे पर पैसे लेते दिखे आज भाजपा के मुख्यमंत्री हैं। त्रिमूल कांग्रेस के कुछ सांसद सरोगेट तरीके से भाजपा से जुड़ रहे हैं। इन्हीं लोगों के खिलाफ बंगाल की जनता ने गुस्सा निकाल और भाजपा इसकी परवाह नहीं करती ऐसे अनगिनत मामले हैं ।
आप पार्टी के सांसद वाले मामले को क्या कहेंगे वंशवाद मोदी जी का बड़ा मुद्दा है। परिवारवाद को लोकतंत्र के खिलाफ वे बताते रहते हैं लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में परिवारवादी पार्टियों को साथ लेकर भाजपा क्या करती है।
महंगाई का मुद्दा प्रधान सेवक ने 2014 में महंगाई को लेकर क्या-क्या नहीं कहा और 12 साल का हाल देखिए। भाजपा ने पेट्रोल को जब 60 का था महंगा बताया, 21 में जब 100 का हो गया तो कोई दूसरा तर्क ढूंढ लिए। 400 का गैस सिलेंडर महंगा था 1000 वाला राष्ट्र भक्ति है। ₹60 में एक डॉलर देश की प्रतिष्ठा घटना था 96 रुपए वाला डॉलर देश की प्रतिष्ठा बढ़ता है। प्रधान सेवक ने "एग्जाम वारियर "नाम से किताब लिखी है प्रश्न पत्र हल कहां से करें पर वे मन की बात में चर्चा करते हैं। पर नीट, यूजी पेपर लीक दोबारा परीक्षा 23 लाख विद्यार्थी परेशान प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोलते। परीक्षाओं में गड़बड़ी, नौकरी की कमी, रोजगार की कमी 2 करोड़ नौकरी का वादा अब सब पर खामोश है। आज 4000 पद के लिए 14 लाख आवेदन आते हैं याद करें मुद्रा योजना के तहत कितने खातों में कितना पैसा दे दिया गया तब भी आवेदन पत्र में कमी क्यों नहीं आती। मतलब है भ्रष्टाचार, परिवारवाद, महंगाई, इन सब पर जन भावना से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। वह जानती है कि चुनाव जीतने के सत्ता में रहकर तरीका कुछ और है।