24hnbc प्रधान सेवक और प्रधान नहीं कोई उत्तरदाई, फिर से कहिए सीताराम
Wednesday, 27 May 2026 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बिलासपुर, 28 मई 2026।
इस बार सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 25 फ़ीसदी मतलब लगभग चार लाख से ज्यादा छात्रों ने पुनर मूल्यांकन का आवेदन किया। किसी परीक्षा में शामिल कुल छात्रों में से 25% यदि पूनम मूल्यांकन के लिए चले जाएं तो समझा जा सकता है कि मूल्यांकन करने के तौर तरीके ठीक नहीं है। तो परीक्षा के बुरे दिन चल रहे हैं। और वो भी महामानव वाले विश्व गुरु के देश में... और विश्व गुरु दार्शनिक भाव से अब पक्षियों को पानी पिलाने की नसीहत दे रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक की शिक्षा की गुणवत्ता निचले दर्जे पर आ चुकी है। बोर्ड परीक्षा, दाखिले की परीक्षा, नौकरी की प्रतियोगी परीक्षा सब पर संकट है। बच्चों की सीखने की प्रक्रिया अर्थात लर्निंग प्रोसेस बिगड़ चुका है। प्राथमिक माध्यमिक शिक्षा की दशा यह है कि छठवीं सातवीं का बच्चा हिंदी की 10 पंक्तियां शुद्धता से पाठ नहीं कर पाता। जिस कक्षा में वह पड़ता है उसके नीचे की कक्षाओं का गणित व हल नहीं कर पाता। 5 साल तक एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर डॉ एमडी की डिग्री के लिए नीट की परीक्षा देता है और -40 तक मार्क आता है। 200 सवाल और 800 अंक इस साल काउंसलिंग के लिए परसेंट शून्य था। अब आप समझ ले की मेडिकल पढ़ाई की स्थिति कितनी अच्छी है और यह सब प्रधान सेवक और प्रधान के नेतृत्व में हुआ।
सीबीएसई कॉपी जचने के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग ओएसएम की पद्धति अपनाई गई। 70 लाख छात्रों की कॉफी के लाखों पन्ने स्कैन किए गए सिस्टम पर अपलोड किए गए और जचने वालों ने स्कैन किए हुए उन कॉपियों स्क्रीन पर देखकर मार्किंग की। इतना ही नहीं मार्किंग के तरीके भी बदल दिए गए थे। यह सब क्यों हुआ किसी को नहीं पता, तय हुआ कि कॉफी जचने में शक्ति होगी मामूली गड़बड़ियों में भी नंबर काटे जाएंगे उदाहरण के लिए गणित को आठ की बजाय छह स्टेप में हाल करेंगे । कहां गया सीबीएसई शुद्धता वादी और कट्टर हो गई है परिणाम खूब गड़बड़ी हुई और यह पूरी गड़बड़ियां व्यवस्थागत हुई। एक कॉपी का एक ही पाना कई बार अपलोड हुआ, और कई पन्ने छोड़ दिए गए। स्कैन धुंधला हुआ, सारी गड़बड़ियों के बीच शिक्षकों ने शक्ति पुरी की परिणाम बच्चे और अभिभावकों के हाथ-पांव फूल गए। हजारों बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने जेईई-मेन की परीक्षा में 85 से 90% हासिल किया पर 12वीं की परीक्षा में 75 फ़ीसदी अंक नहीं मिल पाए। केंद्रीय विश्वविद्यालय के अच्छे कॉलेजों में दाखिले के लिए सीयूईटी उसमें परसेंटेज टाई होने पर 12वीं के अंक सूची पर प्राथमिकता मिलती है। और अब सब गड़बड़ है, पुनर मूल्यांकन के लिए आवेदन आसान नहीं था। वेबसाइट क्रैश हो रही थी डिजिटल इंडिया में पहले तो पुनर मूल्यांकन के लिए लिंक ही नहीं मिला और बाद में साइड क्रैश होने लगे। पुनर मूल्यांकन की फीस भी अत्यधिक थी यहां तक की किसी ने साइड हैंग करदी थी । सोचे 18 से 20 साल के किशोर पढ़े या महामानव और प्रधान के बीच पिसाए। नीट की परीक्षा 3 में को हुई थी, और 21 जून को अब फिर से होगी। क्या हालत होती होगी लाखों परिवार की । यूपीएससी की परीक्षा की स्थिति भी अब खराब हो चुकी है । 24 मई को प्रारंभिक परीक्षा हुई थी जो परीक्षा देने गए थे वह कहते हैं कि सवाल और उनके विकल्प देख कर लेगा की रट्टा मारने वालों के लिए या प्रश्न बनाया गया है। सीबीएसई उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर अब तक 12 छात्रों ने आरोप लगाए हैं आप किस-किस को पाकिस्तानी खाओगे 68000 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच दोबारा होनी है 13500 उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा ऑफलाइन जांच करना पड़ रहा है। आखिर प्रधान सेवक और प्रधान करते क्या है... क्या भारत के आत्ममूग्ध विश्व गुरु बनने के बाद अब जिम्मेदारी और उत्तरदाई खत्म हो गया है।