24hnbc रेनबो मुंगेली में लाखों की वित्तीय अनियमितता के आरोप
Monday, 11 May 2026 00:00 am
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बिलासपुर, 11 भी 2026।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत के द्वारा छत्तीसगढ़ में 19 स्कूल संचालित बताया जाता है। मूल तत्व यह है कि इस संस्था के ऊपर कंट्रोल एक ऐसी संस्था का है जिसका पंजीयन ही नहीं है। छत्तीसगढ़ डायोसिस, छत्तीसगढ़ डायोसिस बचाओ संघर्ष समिति ने 1/5/ 2026 अर्थात मजदूर दिवस के दिन कलेक्टर मुंगेली को एक विज्ञापन दिया जिसकी कॉपी प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री समस्त कलेक्टर, रजिस्टर फर्म सोसाइटी की उपसचिव, उपसचिव लोक शिक्षण, समस्त पुलिस अधीक्षक को भेजी गई। इसके पहले भी संघर्ष समिति ने प्रदेश के राज्यपाल को इस आशय का शिकायत किया।19/6/2025 की तारीख में रायपुर राजधानी में सिविल लाइन थाने में व्हिसलब्लोअर यशराज सिंह और बीनू बैनेट द्वारा दर्जनों लिखित शिकायत की गई जिनका सार यही था कि नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन, बीके नायक, एसके नंदा और रूपिका लॉरेंस फर्जी पदधारी बनकर न केवल पंजीकृत समिति पर कब्ज करें हैं और उसके द्वारा सभी स्कूलों में वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे हैं। आखिर में 19 जून 2025 को एफआईआर हो गई। सभी आरोपीतो ने एक-एक कर माननीय उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ली।
2025 के दिसंबर माह में रजिस्टर फॉर्म समिति का एक आदेश आया और नितिन लॉरेंस को सचिन नहीं माना गया साथ ही शशि वाघे और अतुल आर्थर की समिति को वैधानिक मान्यता मिल गई। इस आदेश ने नए चुनाव एक निश्चित समय अवधि में कराए जाने के निर्देश दिए गए पर प्रशासन रायपुर इस आदेश का पालन नहीं कर सका। निश्चित समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद चुनाव हुए और दर्जनों आपत्ति को एक तरफ रखते हुए निर्वाचन अधिकारी की असीम कृपा से नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंस पुनः समिति पर काबिज हो गए। अभी तक उन्हें रजिस्टर फर्म सोसाइटी की और से जारी होने वाली धारा 27 नहीं मिली है। पर स्कूल में कब्जे की लड़ाई शुरू हो गई है जिस जिस स्कूल का प्रबंध डायोसिस बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े पदाधिकारी और उन्हें सपोर्ट करने वाले कर्मचारी देखते हैं उन्हें टर्मिनेट किया जा रहा है। एक साथ 30 शिक्षक और कर्मचारियों को जयदीप रॉबिंसन और बिशप के हस्ताक्षर वाले आदेश से टर्मिनेट किया गया इन सब लोगों ने अपने अप्राप्त वेतन पीएफ ना मिलने की न केवल शिकायत की थी बल्कि अपने हक के लिए धरना प्रदर्शन भी किया था।
बिलासपुर बर्जेस स्कूल में वित्तीय को कुप्रबंधन चरम पर रहा बिलासपुर जिला प्रशासन ने एक जांच भी करवाई थी पर जांच रिपोर्ट आज तक गुमी हुई है। कथित अधिकारी इतने प्रभावशाली हैं कि उन्होंने एक काल्पनिक भयादोहन की प्रथम सूचना रिपोर्ट बिलासपुर सिविल लाइन थाने में की और बिलासपुर पुलिस ने तत्काल रायपुर जाकर आरोपीतो को गिरफ्तार कर लिया यह सब शिकायतों का हौसला तोड़ने के लिए किया जाता है।
इन व्हिसलब्लोअर के खिलाफ श्रीमती मिंज ने छेड़खानी की एक फर्जी शिकायत की और बदले में अभी रायपुर के एक स्कूल की प्राचार्य पद पर सुशोभित है।
अभी मामला मुंगेली के रेनबो स्कूल का है वर्तमान प्राचार्य श्रीमती लाल बताती है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस स्कूल पर जयदीप रॉबिंसन, सोफिया जे हैरिसन, अरविंद, कुलदीप और उनके साथ दो महिलाओं ने स्कूल पर धाबा बोल दिया और जी कार्यालय में उन्हें जबरदस्ती स्कूल पर कब्जा कराया गया था। की रखी हुई फीस और अन्य धनराशि जो लगभग 15 लाख थी लेकर चलते बने। प्राचार्य कक्ष के ताले को तोड़ा गया था और यह सब जब हुआ तब वैधानिक प्राचार्य श्रीमती लाल अवकाश पर थी। समिति के पदाधिकारी ने स्वयं को रेनबो का मैनेजर भी बना रखा था। सोफिया जे हैरिसन को बर्जेस स्कूल से तबादला करके रेनबो इसी कारण लाया गया था।
बड़ी वित्तीय अनियमितता और भी है। रेनबो स्कूल के मुंगेली एसबीआई खाते को फ्रिज किया गया है और जिले के बाहर बिलासपुर में एचडीएफसी बैंक में नया खाता खोल लिया गया है। इस खाते में बड़े लेनदेन के आरोप हैं। कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि छात्रों की तो ग्रीष्मकालीन छुट्टी है पर समिति पदाधिकारी और शिक्षक बाउंसरों की मदद से स्कूल पर नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले कब्जा करना चाहते हैं। एक समय जो ईसाई समाज उच्च शैक्षणिक मापदंड के लिए ख्याति प्राप्त था अब रेनबो गुंडागर्दी का स्थान बन गया। और यह बात रेनबो के साथ-साथ सब स्कूल पर लागू होती है। इन स्कूल में शिक्षक कम बाउंसर ज्यादा नजर आते हैं। शिक्षकों को टर्मिनेट करके उनके स्थान पर बाउंसर अप्वॉइंट कर दिए जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि डायोसिस को शिक्षा सेवा नहीं तानाशाही सर्वोच्च लगती है।