24hnbc बेंगलुरु में पकड़ाया आदमी संदेह में धिरे बस्तर के धार्मिक प्रचारक
Saturday, 25 Apr 2026 00:00 am
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बिलासपुर, 25 अप्रैल 2026।
बस्तर के बेंगलुरु कनेक्शन ने सुरक्षा एजेंसियों को परेशानी में डाल दिया। मामला नक्सली फंडिंग का नहीं ईसाई धर्म के प्रचार के लिए विदेशी धन का है। द टिमोथी इनीशिएटिव नाम के संगठन ने बगैर एफसीआरए रजिस्ट्रेशन कराए विदेशी डेबिट कार्ड का उपयोग कर भारत में करोड़ों रुपए की एंट्री कराई। एक अमेरिकी नागरिक बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पकड़ा गया उसके पास 24 प्लास्टिक कार्ड मिले हैं। नागरिक का नाम मिकाह मार्क बताया जाता है। यह कार्ड अमेरिका के ट्रस्ट बैंक से लिंक बताया जाता है कार्ड का इस्तेमाल भारत के अलग-अलग राज्यों के कई एटीएम पर कैश ट्रांजैक्शन के लिए हुआ है। यह पूरे ट्रांजेक्शन 18, 19 अप्रैल के हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2025 के बीच 95 करोड रुपए इसी तरीके से भारत आए और संकट में डालने वाली बात 6. 50 करोड़ बस्तर और धमतरी जिले में खर्च हुए। यह वही अवधि है जब इन जिलों में ईसाई धर्म प्रचार काफी तेज था। टीटीआई विदेशी चंदा लेने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में कैश ट्रांजैक्शन फेमा के नियमों का उल्लंघन है।
गिरफ्तार व्यक्ति से 40 लाख रुपए नगद भी मिला है। इस पूरे मामले का लेना देना राजनांदगांव के धरमपुर से भी है बात बहुत पुरानी नहीं है इस आश्रम पर छापा भी पड़ा था जहां हजारों डॉलर के विदेशी उपकरण भी मिले थे। बड़ी मात्रा में गैस का ट्रांजैक्शन बगैर लोकल एजेंट के संभव नहीं है।
छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्म से जुड़ी हुई पंजीकृत और अपंजीकृत संस्थाओं के अवैधानिक पदाधिकारी इन मामलों में संदिग्ध बन गए। क्योंकि इनके राजसी ठाठ-बाट, महंगी लग्जरी गाड़ियां, एक ही दिन में लोकल शहर से मेट्रो तक का हवाई सफर, कानूनी मामलों में लाखों के खर्च बहुत गंभीर इशारा करता है। छत्तीसगढ़ की ईसाई कम्युनिटी की संस्थाएं और उनके पदाधिकारी एक तरफ लगातार विदेशी दौरा करते हैं और स्थानीय स्तर पर राजनीति में सीधा दखल देते हैं।
प्रश्न तो उठाता ही है कि धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को राजनीति में इतनी रुचि क्यों ....