देश के 1000 परिवारों के अच्छे दिन कर्ज लेकर चुकाया जा रहा कर्ज का ब्याज
Monday, 06 Apr 2026 18:00 pm
24 HNBC News
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बिलासपुर, 7 अप्रैल 2026।
2020 से 2025 के बीच देश के पांच सबसे समृद्ध परिवारों के धन में 400% की वृद्धि हुई। जबकि निकली 50 फ़ीसदी आबादी का धन जहां का कहां है। इतनी बड़ी जनसंख्या के पास महज 6.4% धन है। पूंजीगत व्यय में गिरावट का सबसे ज्यादा मार इसी तबके पर पड़ती है। मानव एवं भौतिक विकास में निवेश घटने का अर्थ है। इस तबके की प्रगति में रोडा आना, देश में 1688 व्यक्तियों के पास 1000 करोड रुपए से अधिक की संपत्ति है। इन पर वैल्थ संपत्ति कर लगाकर सरकार 10 लाख करोड रुपए सालाना जुटा सकती है। और यह पैसा देश के बुनियादी विकास में निवेश किया जा सकता है। 24 - 25 में भारत सरकार का देसी रीढ़ 8.35 और विदेशी कर्ज 9.83% बढ़ा। पूंजीगत खर्च में 0. 83% की गिरावट आई। ऋण बढ़ाने का कारण पिछला ऋण और उसके ब्याज को चुकाने के लिए लिया गया नया कर्जा है। कर्ज के बढ़ते बोझ के कारण बुनियादी विकास में पूंजीगत व्यय नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो सकारात्मक माना जाता यहां तो कर्जा कर्ज चुकाने के लिए लिया जा रहा है। कर्ज लेकर निवेश के लाभ चुनिंदा परिवारों को हो रहे हैं और देश की 140 करोड़ जनसंख्या कर्ज के बोझ से दबी जा रही है।