हाई कोर्ट ने खारिज करने से किया इंकार निजी स्कूलों की फीस वसूली पर हुई थी एफआईआर
Monday, 06 Apr 2026 18:00 pm
24 HNBC News
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बिलासपुर, 7 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में जिला प्रशासन ने नियम विरुद्ध फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए एफआईआर कराई थी। स्कूल के प्राचार्य, संचालन समिति के अध्यक्ष, सचिन को जेल भी भेजा गया। कुछ पुस्तक प्रकाशक भी कमीशन खोरी की लपेटे में आए थे। अलग-अलग एफआईआर थे, सब ने उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण ली और एफआईआर खारिज करने के लिए गुहार लगाई। हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल को इन सब याचिकाकर्ताओं के आवेदक को खारिज कर दी। 29 पन्नों के ऑर्डर में न्यायमूर्ति बीपी शर्मा ने विस्तृत आदेश पारित किया और स्कूलों की गुहार को खारिज किया।
उन्होंने कई बार कलेक्टर जबलपुर के द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा भी की स्कूलों के द्वारा छात्र-छात्राओं से वसूली जा रही राशि पर तीखी टिप्पणियां की, हम इस निर्णय के गुण दोषों पर नहीं जाते शिक्षा जगत का एक सवाल है। जबलपुर में एक कलेक्टर ने रीड की हड्डी सीधी की और बेजा वसूली करने वाले निजी स्कूलों को कायदे में रहने का पाठ पढ़ा दिया। उलट पूरे छत्तीसगढ़ में बस्तर से जसपुर तक , बिलासपुर से रायपुर तक। हर जिले के निजी स्कूलों के फीस वसूली की गुंडागर्दी से पालक परेशान है। हर जिले में पलकों ने अपने स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर, कमिश्नर को पत्र दिए और स्कूलों की मनमर्जी पर नियंत्रण का निवेदन किया। पर किसी भी जिले में, किसी भी कलेक्टर की प्राथमिकता में यह विषय नहीं आया यह बात इस ओर इशारा करती है कि निजी स्कूल फीस वसूली गिरोह का कोई ना कोई ऐसा राजनीतिक संरक्षण है कि एक भी कलेक्टर बेजा फीस वसूली करने वाले स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही नहीं करते। उल्टे साल में दो से अधिक बार इन स्कूलों के विभिन्न मंच पर जाकर स्पष्ट कर देते हैं कि वे सामान्य नागरिक के साथ नहीं इन वसूली बाजो के साथ खड़े हैं।