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24hnbc जोगी की गतिविधि बताती है उन्हें आभास था उच्च न्यायालय आदेश का
Thursday, 02 Apr 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 3 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ की विधानसभा में जब अमित जोगी विधायक बने थे और वह मरवाही आरक्षित सीट का प्रतिनिधित्व करते थे तो राजनीतिक प्रेक्षक उन्हें सबसे अधिक जानकार, मुखर और संवेदनशील विधायक के रूप में चिन्नाकिंत करते थे। कुछ प्रेषक तो होने भविष्य का मुख्यमंत्री मानते थे। 2 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को 2003 सतीश जग्गी हत्याकांड में सीबीआई की अपील पर सत्र न्यायालय के निर्णय को पलटते हुए दोषी करार दिया। 
हम हत्याकांड के पूरे प्रकरण पर कुछ नहीं कहते क्योंकि विश्लेषणों से भरे पड़े हैं। हम चर्चा करते हैं 2023 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जब यहां कांग्रेस की सरकार थी और इसका नेतृत्व भूपेश बघेल कर रहे थे। सबसे पहले याद रखें अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा से धर्म स्वतंत्र विधेयक पास हुआ है और अमित जोगी ने इसका बड़ा विरोध किया। राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया और एक क्रमिक आंदोलन की बात भी कही थी। उनके गतिविधियों से लगता है कि उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश का आभाष था। वे कुछ दिन पूर्व ही दिल्ली में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री कपिल सिब्बल से मिले भी चुनाव में वह सीधे मुख्यमंत्री के विरोध में लड़े तब खबरों को लिखने वाले इशारों में रहते थे कि उन्हें पूरी रसद भाजपा से मिल रही है। 
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी के विधायक में से अधिकतर ने भाजपा ही ज्वाइन की लेकिन जोगी ने और उनकी मां ने कभी बीजेपी में शामिल होना स्वीकार नहीं किया वह हमेशा इसी प्रयास में रहे की उनके राजनीतिक दल का पूर्ण विलय कांग्रेस में हो जाए और यह प्रस्ताव कांग्रेस की एक कमेटी के पास लंबित भी है। अमित जोगी उच्च शिक्षित हैं और बहू विषयों की बड़ी नजर रखने वाले युवा हैं। उन्हें आने वाली कठिनाइयों का खूब अंदाज है किसी नेता की हत्या के मामले में दोषी करार दिए जाने और जेल जाना भारतीय राजनीति में कोई अनोखी बात नहीं है। देश में कई ऐसे नेता मंत्री तक है जो बड़ी टिकढमो के बाद न्यायालय से बचे तीन सप्ताह का समय का उपयोग जोगी उच्च न्यायालय के आदेश का तोड़ खोजने में ही लगाएंगे। जिसकी शुरुआत वे अधिवक्ता कपिल सिब्बल से मिलकर कर चुके हैं। इस पूरे प्रकरण को देश के बड़े वकीलों ने देखा है और अमित जोगी की पैरवी की उनमें दिवंगत राम जेठमलानी, सुरेंद्र सिंह भी शामिल हैं और इस बार देश की सबसे बड़ी अदालत में अमित जोगी की पर भी कौन करेगा यह दिलचस्प रहेगा।