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24hnbc वित्तीय वर्ष की तर्ज पर समाप्त हुआ नक्सलवाद कारण शेष...
Tuesday, 31 Mar 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 1 अप्रैल 2026। 
31 मार्च वित्तीय वर्ष की समाप्ति की तर्ज पर नक्सलवाद खत्म हो गया इसकी घोषणा वादे के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री कर दी। नक्सलवाद खत्म हो गया पर उनके कारण समाप्त नहीं हुए हैं। गरीबी न्यूनतम सुविधाओं का ना होना जमीदारी की नई व्यवस्था क्रॉनिक पूंजीवाद का कहर और उसमें नौकरशाहों का शामिल होना छत्तीसगढ़ में अभी हाल की ही कुछ घटनाएं बताती है कि किस तरह पूंजीपति जल, जंगल, जमीन पर एकाधिकार कर रहे हैं और सरकार और प्रशासन किस तरह उन्ही के पक्ष में खड़े होकर आम जनता के खिलाफ हो जाते हैं। 
केंद्रीय गृहमंत्री ने संविधान सम्मत दो राजनीतिक दलों को तो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्सवादी सीपीआई को नक्सलवाद का कारण बता दिया उन्होंने संसद के भीतर कहा कि इनका प्राथमिक उद्देश्य ना तो राष्ट्र का विकास था ना ही नागरिकों के अधिकारों की रक्षा। इसके विपरीत पार्टी का संवैधानिक लक्ष्य चीन और रूस की तर्ज पर सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से संसदीय प्रणाली को उखाड़ फेंकना था। उन्हें यह कहते यह नहीं लगा कि वामदल से आए सोमनाथ चटर्जी लोकसभा अध्यक्ष रहे और एक बार वामपंथी दल के बड़े नेता इंद्रजीत गुप्ता केंद्रीय गृहमंत्री भी रहे। पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, केरल में वामपंथी सरकारी रही सशस्त्र विद्रोह तो कभी नहीं हुआ और यह सरकारी वोट से चुनी गई ना की सशस्त्र विद्रोह से इस बहस के साथ ही उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं को नक्सलवादी भी कह दिया। राहुल गांधी पर नक्सली समर्थक होने का आरोप लगा दिया। लगता है जो बीजेपी समर्थक नहीं है केंद्रीय गृह मंत्री उसे नक्सलवाद समर्थक मानते हैं। 
हमने छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या पर विधानसभा की बंद दरवाजे वाली बैठक भी देखीं और लिखी अंदर में चर्चा में किसने क्या कहा था। यह बात बताई क्यों नहीं जाती केंद्रीय गृह मंत्री को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री सीधी चुनौती दी है और कहां है कि मंच स्थान समय तय कर लें वह बहस के लिए तैयार है। आम जनता भी इंतजार कर रही है छत्तीसगढ़ में 15 साल बीजेपी की सरकार रही लगातार और डॉक्टर रमन पूरे 15 वर्ष सीएम रहे। बस्तर में जितनी प्रताड़ना नक्सली देते थे उतनी ही प्रताड़ना के आप उनकी पसंदीदा पुलिस अधिकारी पर भी लगते थे। एक महिला ने तो उच्चतम न्यायालय तक जाकर पुलिस पर कुरुरता का आरोप लगाए। क्या वित्तीय वर्ष समाप्ति के बाद इस खाते को बंद मान लिया जाए। छत्तीसगढ़ में जल, जंगल, जमीन की शोषण की भयावह स्थिति है सीधा इशारा करती है कि नक्सलवाद के कारणों को हल करने की ईमानदार कोशिश होनी ही चाहिए।