24 HNBC News
24hnbc डायोसिस एक चेहरे पर कितने चेहरे लगा लेते हैं लोग
Friday, 27 Mar 2026 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
रायपुर/बिलासपुर, 28 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ डायोसिस के सचिव नितिन लॉरेंस एवं बिशप सुषमा कुमार ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने डायोसिस की तरफ से लिखा है कि सरकार द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम जो पारित किया गया है उसके लिए शासन को धन्यवाद देना चाहते हैं।
असल मे छत्तीसगढ़ डायोसिस मसीह समाज की बहुत छोटी सी अपंजीकृत संस्था है, जिनके पदाधिकारीयो के ऊपर लगभग 6-7 गम्भीर एफआईआर दर्ज हैं। किसी तरह से इन्हें माननीय उच्च न्यालय से जमानत पर है, और सुप्रीम कोर्ट में 7 तारीख को उनके विरुद्ध एक बहुत बड़ा निर्णय आने वाला है ? और उसके साथ ही यह जमीनों का लेनदेन और बेचने का प्रक्रिया करते रहते हैं। बहुत ही महत्वपूर्ण बात यह कि इनकी संस्था के विरुद्ध ईनकम टेक्स विभाग द्वारा 12 करोड़ जमा करने की नोटिस आयी है। इसलिए अपने अपराधों से बचने के लिए ये लोग साशन प्रसाशन की आंखों में धूल झोंक रहे है, एजुकेशन बोर्ड के अवैधानिक निर्वाचन पर पंजीयक पर दबाव डलवा कर धारा 27 लेना चाहते है। पर ये भूल गए कि झूठ और षडयंत्र बहुत दिनों तक नही चलता। 
धर्मांतरण अधिनियम के विरुद्ध डायोसिस में हुई गुपचुप बैठक
तस्वीरो ने इनके षडयंत्र का भंडाफोड़ कर दिया। मुद्दा यह है कि एक तरफ डायोसिस के सचिव बिशप ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल व गृहमंत्री जी को खुश करने के लिए अपने ही धर्म के विरुद्ध पारित अधिनियम को सही बताने के लिए धन्यवाद देना चाहते है जबकि यह पत्र एक सोची समझी चाल व षडयंत्र है एक दिन पहले ही संयुक्त मसीह समाज के प्रमुख लीडर नवनीत चंद जो कि बस्तर के हैं जो धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के विरुद्ध में विरोध कर रहे हैं और विशाल मसीही जनसैलाब का नेतृत्व कर रहे है, कल की रैली में उन्होंने बहुत ही जोशीले अंदाज में सरकार को ललकारते हुवे भाषण दिया परंतु एक तस्वीर आपके सामने प्रस्तुत करते हैं जो नवनीत चंद ने अपने ही फेसबुक में शेयर किया है जिसमे डायोसिस के सचिव व कोषाध्यक्ष के साथ हुई गुपचुप बैठक का हवाला दिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संयुक्त मसीही समाज एक तरफ सरकार के खिलाफ खड़े हो और दूसरी तरफ डायोसिस सरकार को खुश कर, एजुकेशन बोर्ड से सम्बंधित व गिरफ्तारी से बचने का उपाय ढूंढ ले। असपुष्ट जानकारी के अनुसार डायोसिस के पदाधिकारियों ने पर्दे के पीछे से धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के विरुद्ध हुई रैली में फंडिंग भी की गई है। पर्दे के पीछे से डायोसिस के लोगो की चाल उजागर हो गया है जो अब तस्वीरों के माध्यम से सामने आ ही गया है। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन डायोसिस के षडयंत्रकारियो के साथ खड़े होगी या अपंजीकृत संस्था पर कार्यवाही करेगी।