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बिलासपुर, 26 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन चुनाव अधिकारी ने दो दर्जन से अधिक दावा आपत्ति का निराकरण समिति के बायलाॅज के आधार पर कर दिया और अब आंगन की इच्छा अनुसार चुनाव अधिकारी परिणाम जो पूर्व से तय है कि घोषणा कर देंगे।
सीडीबीई के बायलॉज में ही कुछ ऐसे हैं की चुनाव समित हो जाता है। अध्यक्ष बिशप ही होगा वाइस चेयरमैन का पादरी होना जरूरी है। चार प्राचार्य अलग-अलग स्कूल से जिसमें से दो अंग्रेजी स्कूल से चार विषय विशेषज्ञ तो अब दो पद ही चुनाव के लिए बचते हैं ट्रेजरार और सेक्रेटरी तो जिन लोगों को भी यह पता है कि सीडीबीई की किन-किन समितियां के बीच विवाद है। वे सहज अंदाज लगा सकते हैं कि इन दो पद पर डायोसिस अपंजीकृत के अवैतनिक पदाधिकारी निर्वाचित हो जाएंगे।
इनका दोबारा पदाधिकारी बनना इसलिए भी आवश्यक है कि करोड़ों की धनराशि का पीएफ पटाना है। लंबे समय तक न दिए जाने वाले वेतन भुगतान करना है। डायोसिस के पदाधिकारी जिन मंहगी एसयूवी का आनंद ले रहे हैं उनकी ईएमआई उन स्कूलों के प्रयासों से पटवानी है। जहां से यह फाइनेंस हुई है मिलते जुलते नाम से स्कूल संचालन भी बड़ा मुद्दा है। अब एक बड़ा प्रश्न आखिर निर्वाचन अधिकारी को सत्ता के किस आंगन से पावर मिलता है कि राज्य प्रशासनिक सेवा का अधिकारी तीन आईएएस अधिकारियों के आदेश निर्देश को अनदेखा कर अल्पसंख्यकों के संगठन में नागपुर केशव कुंज को फॉलो करने वाला को पावर सपना चाहता है। शिक्षा संस्थानों का यह मामला अब गृह का हो गया पता ही नहीं चला।