24 HNBC News
24hnbc मछली वाला बर्फ आम नागरिक खाए यही है विष्णु का न्यू नॉर्मल
Monday, 23 Mar 2026 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
बिलासपुर, 24 मार्च 2026। 
गर्मी आरंभ होते ही जिन दो उत्पादन पर खाद्य विभाग को तुरंत नमूने एकत्र करना चाहिए उनकी और ध्यान नहीं दिया जाता। बर्फ और लोकल आइसक्रीम शहर की पुरानी बस्ती में यह दोनों काम खूब होते हैं। खाद्य और अखाद्य बर्फ के वर्गीकरण का पालन विभाग बिल्कुल नहीं करता, अखाद्य बर्फ गन्ना रस, लस्सी और बर्फ गोला में खूब प्रयोग होता है यही हाल आइसक्रीम और फालूदा का है। 
लाइसेंस जारी करने के प्रक्रिया इतनी झोल वाली है कि इसके हासिल कर लेने से गारंटी का कोई प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता। 2025 में भारत में पैकेज फूड और फूड सर्विस का कुल उपयोग 16 लाख करोड रुपए से अधिक रुपए का है और दवाइयां की खपत 3 लाख करोड रुपए की है। 2 करोड़ से ऊपर बिक्री केंद्र हैं और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की संख्या केवल 8000 है। औसतन एक अधिकारी को ₹2500 दुकान देखनी है। छत्तीसगढ़ की स्थिति भी ऐसी ही है। स्वीकृत पद से आधे ही भरे हुए हैं। Fasai से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला सिर्फ 200 हैं और भारत में जिलों की संख्या 800 है। कस्बे 5000 यदि सैंपल ले भी लिया जाए और जांच से भाग जाए तो न्यायालय में रिपोर्ट टिकती नहीं है। इस विभाग के बजट की क्या बात करें 620 करोड़ का बजट था 520 करोड़ में निपटा दिया और 2025-26 में भी 525 करोड़ दिए। भारत की जनसंख्या अमेरिका से चार गुना है और यह खाद्य जांच पर बजट का 0.2% खर्च करते हैं और भारत 0.02% खर्च करता है। ऐसे भी यदि मछली बेचने वाले बर्फ को आम नागरिकों के बीच बचा जाए तो इस देश का न्यू नॉर्मल ही माना जाएगा।