24hnbc शिक्षा का मंदिर जब बन गया व्यापार तब रोने से क्या फायदा
Saturday, 14 Mar 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 15 मार्च 2026।
सीबीएसई और स्टेट बोर्ड इन 2 के बीच छात्रों को झूलने से ही स्कूल संचालकों ने मोटी कमाई की है। खबरों का मुंह विज्ञापन से बंद किया जाता है। 24 एचएनबीसी मैं पिछले शैक्षणिक सत्र में भी डमी एडमिशन के खेल में करोड़ का वारा न्यारा कैसे हो रहा है इन पर विस्तार से न केवल लिखा बल्कि हर उचित फोरम पर शिकायत की जिले के दो बड़े स्कूल पर जांच दल आया सरकंडा स्थित प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार के स्कूल पर आर्थिक दंड लगा और एक अन्य स्कूलों की मान्यता ही समाप्त हो गई। कोविड कल में जब फीस पर निर्देश आया तो निजी स्कूल अपनी बैलेंस शीट लेकर उच्च न्यायालय पहुंचे। अन बैलेंस शीट को निकाल कर यदि कोई देखे तो पता चलता है कि वेतन पर खर्च कम और अन्य मदो पर ज्यादा पूरा खाता वही देखने से नो लॉस नो प्रॉफिट का होता है पर धन्ना से इस चैरिटी के लिए नहीं व्यापार के रूप में चलाते हैं और इन व्यापारी स्कूलों के सिक्के का दूसरा पहलू ही कोचिंग है।
एक बार अस्पताल का धंधा मंदा हो सकता है पर स्कूल का नहीं विवाह से पैदा हो या बगैर विवाह के पैदा हो बच्चा किसी न किसी स्कूल में जाएगा ही। पलक स्व उच्च शिक्षित हो या कम शिक्षित वह अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना चाहता है। और उसे लगता है की अच्छी शिक्षा का अर्थ पहले बड़ी फीस और व्यापारी कथित शिक्षा वेद बालक की इस कमजोरी को पकड़ कर चलता है। यही कारण है कि कमीशन और शिक्षा आपस में घुल मिल गए हैं।
हर स्कूल के सामने कोचिंग के दलाल क्यों खड़े हैं इन्हें प्रचार की अनुमति भी अंदर से ही मिलती है और अनुमति फ्री में नहीं मिलती। शहर का लोकप्रिय ब्रिलिएंट स्कूल वर्षों से अस्पताल के साथ संचालित है क्या कभी इस पर किसी को आपत्ति हुई।