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कांग्रेस पार्टी ने लगाया आरोप सत्तारूढ़ भाजपा और सरकार के संरक्षण में हो रही अफीम की खेती
Saturday, 07 Mar 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 8 मार्च 2026। 
 जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण एवं शहर जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री व सिद्धांशु मिश्रा ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल भाजपा और सरकार के संरक्षण में प्रदेश में अफीम की खेती की जा रही है । यह मामला उजागर हों जाने के बाद गृहमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए।
कांग्रेस भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कुल दुर्ग के समोदा गांव में एक खुलासा हुआ कि वहां पर एक फार्म हाउस के अंदर लगभग 10 एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी।यह अफीम की खेती भाजपा नेता विनायक चंद्राकर करवा रहा था। विनायक चंद्राकर भाजपा के दुर्ग जिले को किसान मोर्चा का पूर्व अध्यक्ष है तथा वर्तमान में वह भाजपा के राईस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प का प्रदेश संयोजक है।भाजपा के सभी कार्यक्रमों में उसकी महत्वपूर्ण और सक्रिय भागीदारी रहती है।वह भाजपा का स्थापित नेता और प्रदेश पदाधिकारी है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, तोखन साहू गृह मंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, भाजपा के राष्ट्रीय नेता अजय जामवाल, शिवप्रकाश सहित अनेकों नेताओं के साथ आरोपी भाजपा नेता की तस्वीरें सोशल मीडिया में है। बिना सरकार के संरक्षण के कोई अफीम की खेती खुलेआम करे यह संभव नहीं है। भाजपा जब से सरकार में आई जुआ, सट्टा, शराब की तस्करी बढ़ गयी, नशे का कारोबार बढ़ गया, सत्ता में बैठे लोग इसको संरक्षण देते है।इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेकर गृह मंत्री इस्तीफा दें।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में छत्तीसगढ़ नशे के मामले में पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल को पीछे छोड़ चुका है।शहरों के आउटर के कैफे तो युवाओं को नशा परोसने का केंद्र बन चुके है। पुलिस इसको रोकने के बजाय सहयोगी बनी हुई है। कांग्रेस की सरकार थी तब वर्षों से चल रहे हुक्काबारो को बंद करवाया था, राज्य में सूखे नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया गया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर से नशे का कारोबार शुरू हो गया है।
सरकार नशे के कारोबार पर रोक लगाने में विफल साबित हो रही है। पूरे प्रदेश में युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे है। सरकार और पुलिस की मिलीभगत के कारण ही प्रदेश के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वय ने आरोप लगाया कि पिछले दो साल में शराब, गांजा, अफीम, हिरोईन जैसे नशों के कारण प्रदेश की युवा पीढ़ी में नशे की लत महामारी का रूप ले चुकी है। चंद पैसों के लिए सत्तासीन लोग नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के बजाय संरक्षण दे रहे है।बिना सत्ता के संरक्षण के ड्रग राजधानी में खुलेआम नहीं बिक सकता, राज्य में भाजपा की 2 साल से सरकार है। कौन सत्ताधीश इसके पीछे है इसका भी खुलासा होना चाहिए?
प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को संरक्षण, भाजपा की सरकार में मिल रहा है। नशीली दवाएं, प्रतिबंधित गोलियां, अवैध सूखा नशा गली मोहल्ले में निर्वाध बिक रही है, नाबालिक बच्चों तक पहुंचाई जा रही है ।पिछले 13 महीना के दौरान 2599 प्रकरण नारकोटिक्स के दर्ज हुए जो ज्यादातर सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर हुए हैं, सरकार का इंटेलिजेंस और प्रशासन मौन हैं। कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है10 से 17 साल के लाखों नाबालिक बच्चे सूखे नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, सैकड़ों मौत हो चुकी है लेकिन यह सरकार सोई हुई है।
गुजरात का मुद्रा पोर्ट पूरे देश में अवैध नशे की कारोबार का प्रमुख केंद्र बना है जहां से अफगानिस्तान पाकिस्तान से होकर ड्रग्स छत्तीसगढ़ तक पहुंच पर कार्यवाही कर सके। रहा है, भाजपा की सरकारों में साहस नहीं है कि वह अडानी के मुद्रा पोर्ट पर कार्रवाई करे।
प्रदेश में अवैध नशे के तस्कर, कोचिंग और बिचौलियों को संरक्षण देते देते भाजपाई अब अफीम की खेती तक उतर आए हैं, कमल खिलाने का दावा करने वाले भाजपाई अफीम के पौधे उगाने लगे हैं।ड्रग पेडलरों पर कार्यवाही के नाम पर केवल टेरर फंडिंग वसूली जा रही है नव्या मलिक और फर्जी आईबी अधिकारी के मामले में यह सरकार सैकड़ों दिया गया। ड्रग पेडलरों के नाम छुपा रही है, विधानसभा के सवाल पर भी जवाब नहीं है।
छत्तीसगढ़ में नशाखोरी का अमृतकाल चल रहा है, भाजपाई अवैध नशे की खेती में आत्मनिर्भर बन रहे हैं, छत्तीसगढ़ को नशे की गर्त में डुबाने का षडयंत्र सत्ता के षड्यंत्र में रचा गया है।