इस पर भी कृपा की वाशिंग मशीन ने यूं ही नहीं कोई गलगोटिया बन जाता
Thursday, 19 Feb 2026 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बिलासपुर, 20 फरवरी 2026।
111 करोड़ का डिफॉल्टर विश्वविद्यालय 300 करोड़ का इन्वेस्टमेंट एआई में करने की बात करें। मैदान से खदेड़ जाए ये सब कहानियां उसे भारत में संभव है जिसकी स्वतंत्रता कंगना के अनुसार 2014 में हुई है। हिंदी अखबारों पर ही भरोसा कर लें तो आगरा शहर के हरी पर्वत थाना में उसे फाइनेंस कंपनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई जिससे गलगोटिया विश्वविद्यालय ने लोन लिया था। कल लोन 100 था सबसे छोटा 80 लाख का और सबसे बड़ा 37 करोड़ का। इस पूरे लोन की चुकता अवधि 24 माह थी और लोन की रकम नियमित चुकारा न होने के कारण 122 करोड़ हो गई थी। इस विश्वविद्यालय सेक्टर 17 ए ग्रेटर नोएडा जगह उसे समय मिला जब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बहन जी मायावती थी। लोन देने वाली कंपनी में जब खाने में एफआईआर कराई तब उत्तर प्रदेश में सपा का शासन था अखिलेश मुख्यमंत्री थे धारा 420, 467, 471, 120 बी के तहत एफआईआर दर्द हुई कंपनी ने कहां फर्जी बैलेंस शीट सबमिट करके लोन लिया गया।
गलगोटिया की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट से स्थगन हुआ। पर बेटा, बहू और माता जी को गिरफ्तार करने पुलिस जब गलगोटिया के मालिक की कोठी पर पहुंची अखबार की रिपोर्ट बताती है कि पुलिस को पिछली दीवार में सीढ़ी लगाकर बंगले में उतरना पड़ा और कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट का पालन कराया गया।
अब केंद्र में 2014 गुजरात के मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री हो गए गलगोटिया जी जो लोन डिफाल्टर थे की धुलाई भाजपा की वाशिंग मशीन में होने लगी बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात की सरकारों ने गलगोटिया जी को गोद में उठा लिया देखते-देखते गलगोटिया को विभिन्न राज्य सरकार केंद्र सरकार अवार्ड देने लगी। जो गलगोटिया लोन डिफॉल्टर था आपराधिक षडयंत्र का मुख्य आरोपी है वह एक्सीलेंस हो गया। विश्व गुरु भारत यूं ही नहीं बन जाता इसके लिए विभिन्न वित्तीय संस्थानों को ठगना पड़ता है और एक विशेष राजनीतिक दल की वाशिंग मशीन में धुलना होता है।