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आखिर कब तक खामोश रहेगी छत्तीसगढ़ का रजिस्टर व्हिसल ब्लोअर के एक लेटर ने खड़ी कर दी विकट स्थिति
Sunday, 15 Feb 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 16 फरवरी 2026। 
छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत और छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत के बीच जो कुछ भी वित्तीय अनियमितता चल रही थी उनके संदर्भ में बिलासपुर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर हुई थी। तभी से इन संस्थाओं के संदर्भ में ऐसे ऐसे तथ्य सामने आए जिससे यह पता चला कि स्कूलों पर वास्तविक नियंत्रण तो जबलपुर का है इसी संदर्भ में छत्तीसगढ़ की आईएएस अधिकारी जो इस समय फार्म पंजीयन समिति रजिस्टर है, को एक पत्र लिखा गया है पत्र में आवेदक ने रजिस्टर फॉर्म को बताया कि जनहित याचिका 71/2016 में यह तथ्य आया कि मिशन के स्कूलों पर अनधिकृत व्यक्ति एवं एक पंजीकृत संस्था के द्वारा समस्त स्कूलों पर नियंत्रण एवं प्रशासन 2014 से वर्तमान तक किया जा रहा है। तथा स्कूलों की फीस की राशि धार्मिक संस्था एवं चर्च में स्थानांतरित की जा रही है। 
न्यायालय ने अपने आदेश 18 .11. 2022 को पंजीयक फर्म एवं समिति को राशियों का आकलन कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। पत्र में कहा गया है कि आवेदक ने अपने आपत्ती दिनांक 11.5 .2023, 13 .5.2023 एवं व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 18. 5. 2023 को लिखित आपत्तियां प्रस्तुत की पर उन्हें जानबूझकर कचरें में डाल दिया गया ताकि आवेदक गणों को बचाया जा सके। 
आवेदक का कहना है कि उसकी मूल शिकायत 9 .12. 2022 का निराकरण किया जाए और एक स्पष्ट आदेश पारित किया जाए जिससे रुपए दो करोड़ की वित्तीय अनियमितता पर रजिस्टर का स्पष्ट आदेश हो। व्हिसल ब्लोअर के इस पत्र के बाद रजिस्टर फर्म सोसाइटी के जिम्मेदार पदाधिकारीयों को परेशानियां बढ़ गई है। पहले छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत जिन स्कूलों का संचालन करता है उसका वास्तविक नियंत्रण किसके पास है। यदि स्कूलों का वास्तविक नियंत्रण छत्तीसगढ़ में है ही नहीं तो अवर सचिव के आदेश पर यदि समिति का चुनाव समय सीमा में करा भी दी जाए तो स्कूल का नियंत्रण इन्हें कौन देगा और स्कूल का नियंत्रण लंबे समय तक अवैधानिक तरीके से होता रहा सतत वित्तीय अनियमितता जारी रही। तथ्यों की जानकारी के बावजूद जिन्हें वैधानिक कार्यवाही करनी थी और नहीं की तो जिम्मेदारी किसकी बनती है। 19 स्कूलों की फीस की राशि जो करोड़ों में होती है का स्थानांतरण डायोसिस को किया जाता रहा ऐसे में पंजीकृत समिति का पंजीयन किसके इशारे पर निरस्त नहीं हुआ। अब जब रजिस्टर को पूरे तथ्य की जानकारी है तो वे क्या निर्णय लेंगे ऐसे में 19 स्कूलों छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन और छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत सब संदेश के घेरे में हैं। 
एक सालेम स्कूल की आदित्य रिपोर्ट में ही बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आ चुका है। यदि 19 स्कूलों की ऑडिट हो जाए तो यह वित्तीय घोटाला बहुत बड़ा होने वाला है।