अमेरिका से लेकर दिल्ली दिल्ली से लेकर गांव तक फैली है एपस्टीन फाइल वर्चस्व हमें गंदगी में धकेल रहा है
Monday, 09 Feb 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 10 फरवरी 2026।
सत्ता की नीयती ही वर्चस्व है यह सत्ता का दुरुपयोग है, वर्चस्व प्रकृति पर, बच्चों पर, स्त्री पर, पशु पर वर्चस्व का जवाब है नम्रता पर यह भाव लगातार घट रहा है नम्रता को वर्तमान में कमजोरी माना जाता है।
वैलेंटाइन डे मात्र नहीं 7 फरवरी से 14 फरवरी तक पूरा सप्ताह है, प्यार इंसानियत से दूर हम विश्व गुरु मिट्टी तेल छिड़कने में लगे हैं। असम, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, पंजाब जहां देखो व्यक्तिगत हिंसा, सामूहिक हिंसा में हम उत्साहित होकर भाग ले रहे हैं। वैलेंटाइन के 7 दिन पंजाब की घटना दोस्ती से इनकार पर छात्र को गोली मारी फिर स्वयं को भी मार ली। तरनतार के लॉ कॉलेज में यह हुआ छात्रा का नाम संदीप मौर छात्र का प्रिंस राज सिंह उम्र 19-20 प्रिंस ने प्रपोज डे पर संदीप को प्रपोज किया ना हुई तो गोली मारी फिर स्वयं को भी मारा। प्रिंस को सिरफिर आंशिक मात्र कह कर आगे बढ़ाना ठीक नहीं। पूरा मनोविज्ञान ही गड़बड़ा गया है। दूसरी घटना बलौदा बाजार की है दोपहर 2:00 बजे 65 वर्ष के आदमी ने 67 वर्ष की बीमार अशक्त महिला के साथ बलात्कार किया, स्थान महिला का किराए का कैमरा आरोपी मकान मालिक है।
अब चर्चा अमेरिका के एपस्टीन फाइल कि उनमें भारतीय किरदारों की अनिल अंबानी अभी देश के रोल मॉडल हैं मैराथन में हिस्सा लेते थे आज सुनहरे बालों वाली स्वीडिश को नौचने दौड़े चले जा रहे हैं। जिसे देखो पर सत्ता वर्चस्व जहां वह है वह है वही कायम करने लगा है।
चर्चा वैलेंटाइन की तीसरी शताब्दी में रोमन साम्राज्य के समय पादरी थे। रूम पर सम्राट क्लॉडियस द्वितीय राज कर रहा था युद्ध का कल था उसका मानना था अविवाहित पुरुष बेहतर सैनिक हो सकते हैं। सम्राट ने रोम में विवाह बैंड करवा दिए। संत वैलेंटाइन ने विरोध किया वह छिपकर प्रेमी जोड़ों का विवाह इसी परंपरा से करते रहे उनका मानना था प्रेम कोई अपराध नहीं सो सम्राट ने जेल भेज दिया। मृत्यु दंड की सजा दी जेल के जेलर की बेटी अंधी थी पादरी ने उनके लिए प्रार्थना की और लड़की की आंखों की रोशनी वापस आ गई। यह चर्चा पूरे जेल में पहली फांसी के पहले वैलेंटाइन ने उसे लड़की को एक पत्र लिखा पत्र के आखिरी में लिखा है यूअर वैलेंटाइन 2070 ई. 14 फरवरी के दिन उन्हें फांसी दी गई यह बलिदान की याद में वर्ष 496 ई में पोप गैलिसीयन ने इस तारीख को वैलेंटाइन डे घोषित किया।
7 फरवरी से 14 फरवरी यह पूरा वीक अलग-अलग नाम से जानते हैं पहले हैप्पी रोज डे, प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे, किस डे और 14 तारीख को वैलेंटाइन डे यह पूरा 7 दिन नम्रता से ओतप्रोत है। भारतीय संस्कृति में भी प्यार के कई आयाम दिखाई देते हैं मीरा, राधा, द्रौपदी यह सब लॉर्ड कृष्ण के प्यार में दीवाने चरित्र हैं। प्रेम स्त्री का पुरुष से हो यह आधा सच है रसखान, सूरदास भी प्रेम के प्रतीक हैं। कृष्ण को योग पुरुष 64 कला वाला बताया जाता है। अब हमारे आसपास प्रेम के विकृत वर्चस्व की धौकनी में जल रहे नाम को याद करें। आसाराम बापू, राम रहीम या तो राष्ट्रीय स्तर पर देश के भीतर जिस समाज की रचना हो गई है हर जिले में हर ब्लॉक में ऐसे चित्रों का अपने-अपने वर्चस्व का दायरा है। तभी तो स्कूल के पोटा केविन में एक 10 साल की मासूम का शारीरिक शोषण होता है और पता तब चलता है तब वह गर्भवती होकर एक शिशु को पैदा कर देती है। हमने हर जिले में ब्लॉक में गांव में एपस्टीन फाइलें बना ली है सत्ता का दुरुपयोग वर्चस्व और वर्चस्व का गंदा रूप हिंसा, यौन हिंसा, प्रकृति पर कब्जा, बच्चों पर कब्जा, खदान पर कब्जा, स्त्रियों पर कब्जा के बीच इंसानियत का हिंसानियत मैं तब्दील होना के बीच सबसे जरूरी मानवीय तत्व नम्रता जो वर्चस्व का जवाब है गायब है क्योंकि हमारा हीरो ही गलत है जिसके पास नम्रता का गुण होगा उसे हम पप्पू सिद्ध करेंगे।