24 HNBC News
24hnbc ढाबा और स्पा माल तो जीएसटी ने खाया, खाकी तो यूं ही हुई बदनाम
Monday, 19 Jan 2026 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
बिलासपुर, 20 जनवरी 2026। 
जिस तरह पुरुष उपयोगिता वाली वस्तुओं में महिला मॉडल की उपस्थिति पर बहुत चर्चा होती है। उसके मैरिट डि मैरिट है हाईवे पर ढाबे का धंधा और शहरी क्षेत्र में स्पा का व्यवसाय कहते हैं बगैर थाना सेटिंग के नहीं होता। कुछ स्तर पर ध्यान दें पार्लर, सैलून, यूनिसेक्स सैलून और स्पा इसमें भी फ्रेंचाइजी और निजी संस्थानों में दाम का अंतर गुपचुप के ठेलों के समान है। 10 में 4 से लेकर 80 रुपए की चार गुपचुप की तर्ज पर नई की दुकान से लेकर ब्रांड नेम की दुकानों पर दाम बदल जाता है। पहले किसी पार्लर में खाकी का कदम कभी कभार ही पड़ता था पर जब से स्पा आया बूटों की पहुंच इन संख्याओं में तेजी से बढ़ी।
रायपुर से लेकर जीपीएम तक जहां चाह वहां राह की तर्ज पर स्पा सेंटर खुले हैं विदेशी नस्ल की सर्विस के नाम पर पूर्वोत्तर से भी मानव संसाधन लाया जा रहा है। फिल्मों की तर्ज पर स्पा में क्राइम मीटिंग तक की खबर आ जाती है कहते हैं जहां धंधे की बात सुरक्षित है अंदर की जो बात छन कर जो बाहर आती है उसके अनुसार थानों का महीना बंधा है। पर जो दो विभाग इन स्पा सेंटरों पर नजर नहीं डालते हैं पहला नगर निगम और दूसरा श्रम विभाग, श्रम विभाग ने तो अभी तक स्पा में कार्यरत मानव संसाधन का हिसाब ही नहीं किया और उसकी सूची में यह है भी नहीं जबकि विशाखा कमेटी तो यहां भी बनानी चाहिए। 
बिलासपुर में इस समय स्पा और पुलिस को लेकर विवाद है पर यह बात कोई नहीं करता की इन संस्थाओं में जीएसटी वाले क्यों नहीं पहुंचे जबकि बालों के कुछ हिस्से पर हाइलाइटिंग करने का शुल्क ही 10000 है और मजा यह की ग्राहक बिल मंगता ही नहीं यहां तक की ब्राइडल मेकअप 50000 तक का कर लिया जाता है पर बल कोई नहीं लेता जिस मेहंदी पर बॉलीवुड के हजारों गाने हैं उसे लगाने का शुल्क ही टैक्स के दायरे में आ सकता है पर बिल कोई नहीं लेता मेनीक्योर पेडीक्योर से लेकर पर पंजे का मछली से नोचवाने तक का धंधा है पर बिल कोई नहीं मांगता नाखून की सजावट पर हजारों रुपए खर्च होते हैं एक नकली नाखून 10000 तक का आता है टैक्स वसूली विभाग यहां नहीं पहुंचता और चर्चा केवल स्पा सेंटर और खाकी की है। सर से पर के नाखून तक स्पा में लाखों बरस रहा है चर्चा में खाकी है जबकि असली माल तो कर विभाग खा रहा है थोड़ा खाकर खाकी के हिस्से तो बदनामी ही आ रही है।