लाखों रुपए लेकर स्तुति गान करेंगे विश्वास पथ संचालन दो भविष्य की राजनीति
Sunday, 21 Dec 2025 00:00 am
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बिलासपुर, 22 दिसंबर 2025।
सोशल मीडिया सहित यूट्यूब पर बिलासपुर की एक घटना जोर-जोर से आई आर एस एस गो बैक के नारे गुरु घासीदास के जयंती के दिन लगे। असल में छत्तीसगढ़ की राजनीति की दूरगामी रूप से प्रभावित करने की नीयत से आर एस एस ने एक पूरी रणनीति बनाई है। उसी के तहत आज पथ संचलन दो निकल गया। इसमें चलने वालों ने डंडा जिस तरीके से पकड़ा था वह पूरा आर एस एस का तरीका है और पाठ संचालकों के वस्त्रों का रंग का चयन स्पष्ट बताता है कि पूरा मामला सतनामी समाज को अपनी पकड़ में लेने का है। यह नीति उसी दिन बनी जब छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में बड़े स्तर पर आगजानी हुई और भाजपा के थिंक टैंक को लग गया कि यदि एससी के खेल को हिंदुत्व के नीचे नहीं लाया गया तो छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक सत्ता पर काबिज नहीं रहा जा सकता।
तो दो तरफ रणनीति बनी एक एससी के सबसे प्रभावशाली वर्ग सतनामियो को अपने प्रभाव में लाओ और दूसरा छत्तीसगढ़ में आदिवासी वर्ग पर किसी भी तरीके से प्रभाव बढ़ाओ यही कारण है कि संविधान प्रदत धर्म के प्रचार प्रसाद की स्वतंत्रता के अधिकार के बावजूद रोज ईसाई धर्म के प्रचारक के विरुद्ध एफआईआर हो रही है और कुछ विशेष आदिवासी वर्ग को संतुष्ट किया जा रहा है। घर वापसी का यह अभियान नए तरीके का है पुराने हीरे हट गये है और मंच पर नए चेहरे दिखाई दे रहे हैं।
पथ संचालन दो नाम से ही पता चलता है कि पथ संचालन एक, एक ही रहेगा। इन्हें दोयम दर्जे का माना जाएगा इस तरीके से भीम आर्मी से निपटने का रास्ता भी निकाला गया है। एक और घटना जो बताती और दिखाती है की दरबारी कवि अब फिर से आ रहे हैं। सरकार के चाहते कुमार विश्वास सफेद और गेरुआ के नीचे भव्य दरबारी कवि सम्मेलन में आएंगे यह काम भी तभी हो रहा है जब क्रिसमस का त्यौहार चल रहा है। कुमार विश्वास इतनी कम थैली में आते हैं सबको पता है छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषित हैं महिलाएं भी कुपोषित है। मजदूरों को फैक्ट्री से निकाला जा रहा है, हसदेव अरण्य में अदानी के लिए रोज पेड़ कट रहे हैं पर किसी जनवादी कवि के लिए स्थान नहीं है। सो भाजपा और आरएसएस भले ही दिखावे के लिए दूर-दूर हो पर गोडसे और सावरकर तो अब राम जी राम हैं।