24hnbc देश में संसदीय लोकतंत्र को मजबूत तो नेहरू ने किया
Thursday, 13 Nov 2025 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बिलासपुर, 14 नवंबर 2025।
आज 14 नवंबर है और बिहार विधानसभा चुनाव की धमक और भोंपू मीडिया ने भारत के लोकतंत्र के इस पुरोधा हित चिंतक पर बात करना भी उचित नहीं समझा जबकि केंद्र से लेकर कई राज्यों में सरकार बना लेने वाली भाजपा अपने चुनावी लाभ के लिए जवाहरलाल नेहरू को पानी पी पीकर कोसती है। लगातार कई चुनाव जीतने और सत्ता में रहने के बावजूद उनके दौर में अर्थात 1948 से 64 तक जिसे नेहरू युग कहा जाता है। सांसद सबसे मजबूत संस्था के रूप में स्थापित हुई। देश का लोकतंत्र शिखर पर पहुंचा भले ही विपक्ष संख्या बल में पर्याप्त नहीं था आज उनका 137 वां जन्मदिन है और वह आज भी तारसंगिक हैं।
14 अगस्त 1947 की आधी रात जो भाषण उन्होंने दिया उसे न्यूयॉर्क का मेयर ममदानी अपनी जीत के बाद याद करता है। ममदानी दुनिया के सबसे अमीर और सर्वाधिक प्रभावशाली शहरों में से एक न्यूयॉर्क के मेयर चुने गए यदि वे नेहरू को याद करते हैं तो निश्चित ही नेहरू में कोई तो ऐसी बात है कि लोकतंत्र के सफर में उनका योगदान है।
संसदीय लोकतंत्र की जितनी हालत पिछले 14 साल में हुई यदि नेहरू युग में हुई होती तो भारत का लोकतंत्र 50 साल का सफर कर ही नहीं पता वे देश के हर नागरिक को एक बराबर मानते थे। आज जो विचारधारा सत्ता में बैठी हुई है उसे देश की 15% मुस्लिम आबादी को आभास कर दिया है कि वह दोयम दर्जे का नागरिक है। सवाल केवल मुसलमान का नहीं है ईसाई धर्म के प्रचारको पर रोज एफआईआर हो रहे हैं इसे क्या कहा जाए।
किसान नाराज , युवा नाराज , जनजातीय समूह नाराज चुनाव जीतने को एकमात्र लक्ष्य बनाकर हर हाथकंडे का इस्तेमाल करके जीता जा सकता है पर अपने ही नागरिकों को प्रताड़ित करके उन्हें एक कोने में दुबका के देश की तरक्की नहीं की जा सकती और देश हर नागरिक का है यही बात नेहरू ने जी के दिखाई तभी अपने 137 वें जन्मदिन पर भारत सरकार उन्हें याद करें या न करें पर उनकी चमक टू न्यूयॉर्क तक .....