बैंक गारंटी और गोल्ड रिटर्न जैसे अनोखे शब्द केवल मायाजाल डिजिटल करेंसी का फंदा फेंकने वाले और फसने वाले सब पूर्व नियोजित है
Wednesday, 01 Oct 2025 18:00 pm
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बिलासपुर, 2 अक्टूबर 2025।
यो एक्सचेंज का जो घोटाला बताया जा रहा है 34 करोड़ असल में यह घोटाला 300 करोड़ का है और आज हम अपने कथन के मुताबिक डिजिटल करेंसी के माध्यम से चल रहे विदेशी मुद्रा व्यापार और रुपए की ठगी की सच्चाई आपको बता रहे हैं।
पुणा में दो कंपनी ट्रेड फेयर हैश मीडिया प्राइवेट लिमिटेड पुणा जैसी कई कंपनियां अपने को लीगल बताते हुए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में क्रिप्टो करेंसी में इन लीगल ट्रेडिंग करती है। इसके लिए सॉफ्टवेयर मार्केट में कई सारे वायलेट उपलब्ध हैं। मिन्ट, योएक्स, नोवा, व्हीएसटी जैसे नाम से आती जाती है। कोई अपना दफ्तर सिंगापुर बताता है तो कोई डी सेंटेलाईट जैसे शब्दावली का प्रयोग करते हैं। पर असल मामला 1-2 लाख की नहीं, ठगी के लिए बड़े शिकार खोजने की है।
ऐसे में 2 शब्द आए पहला बैंक गारंटी दूसरा गोल्ड जिन्हें ठगा जाना है उन्हें हम निवेशक नहीं मानते ये वो लालची है जो दो और दो आठ की फेर में रहते हैं। पुणा के फर्जी कंपनी ने इन लीगल ट्रेडिंग के बीच भूचाल पैदा कर दिया जब उनके बैंक गारंटी की बात कर दी ये बैंक गारंटी उसे लालची को मिलती जो एक करोड़ का माल इन लीगल ट्रेडिंग में लगाता है। सूत्र बताते हैं कि एक बुद्धेश्वर और राठौर नाम के व्यक्ति को बिलासपुर के दो बिजनेस पार्टनर ने मिलकर बिल्हा का एक बकरा तैयार करके दिया। असल में इन लीगल ट्रेडिंग में मोटा माल वो लगते हैं जिनके अंदर माल को चार गुणा करके वसूलने की क्षमता होती है। बिल्हा का यह बकरा असल में खाकी पहना है तो वह यह मानता है कि बाह उखाड़ कर पैसा कैसे वसूलना है। उभय पक्षों के बीच एक नोटराइज एग्रीमेंट हुआ। जितना माल गारंटी के लिए लगाना था उसके आधा रास्ता चलने के बाद कथित बैंक गारंटी आई और यह फेक थी। चकरभाटा के एक राष्ट्रीय कृत बैंक में इसे पुणा की कंपनी ने इसे प्रस्तुत किया जो बिल्हा के एक फर्म के पक्ष में लिखी है। ऐसी ठगी पूरे छत्तीसगढ़ में हुई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि इसी खाकी का पैसा योनेक्स में कोरबा के मार्फत भी लगा जांच एजेंसियां कल्पना करें की एक खाकी के पास ऐसा कितना पैसा है जो इन लीगल ट्रेडिंग में हर जगह लग रहा है। अभी हाल ही में इस खाकी ने एक महंगी प्रीमियम एक्सयूवी भी खरीदी है जिसका $10 लाख डाउन पेमेंट इसी इन लीगल ट्रेडिंग से वसूल किया गया है।
मलेशिया, थाईलैंड के ट्रिप के पहले बकरा बकरियों को गोवा भी ले जाया जाता था आइडिया पुराना हुआ तो विदेश यात्रा की बात आई यहां भी एजेंसीयां मात खा रही है। इतनी बड़ी संख्या में अचानक थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर की यात्रा क्यों होती है। 20-25000 के ट्रांजैक्शन पर ईडी की टीम घर आ जाती है तो इन सिंगापुर, मलेशिया जाने वालों के बैंक खाते को संदिग्ध क्यों नहीं पाया गया।
इन ए लीगल ट्रेडिंग के काम में पैसा किसका उतर रहा है जवाब है इसमें खाकी, कालाकोट, डॉक्टर, दोयम दर्जे के गुंडे और कुछ बेवकूफ जो पर्सनल लोन लेकर पैसा लगा बैठे हैं। नेता का पैसा गुंडों के माध्यम से लगा है।
इलीगल ट्रेडिंग के धंधे में जब तक तितलियों की बात ना हो कहानी अधूरी है बहुतायत से बिजनेस पार्टनर 2 से अधिक गृहस्थी चलते हैं और पत्नी के अतिरिक्त दो से तीन तितलियां अपने पास रखते हैं। लोकल मीटिंग से लेकर मलेशिया, सिंगापुर प्रवास तक यह उड़ती हैं इनका मुख्य काम ठगी का शिकार होने वाले को बांधकर रखना।
कुल मिलाकर शेयर मार्केट ने आम नागरिकों को डुबाया तो दूसरी ओर इलीगल ट्रेडिंग के धंधे ने बाजार में बड़ा जहर घोल दिया। एजेंसी ने जिसमें सीबीआई, ईडी, आईटी शामिल है समय पर दखल नहीं दिया तो छत्तीसगढ़ में बड़ी गैंगवार छिड़ने वाली है।