24hnbc कानून लागू करने की आउटसोर्सिंग छत्तीसगढ़ में, कौन लेगा संज्ञान .....?
Saturday, 27 Sep 2025 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बिलासपुर , 28 सितंबर 2025।
भारतीय जनता पार्टी जहां कहीं भी सत्ता में आती है उसे आउटसोर्सिंग में बड़ा मजा आता है। छत्तीसगढ़ में जब डॉक्टर रमन मुख्यमंत्री थे तब सलवाजुडूम एसपीओ यह मुहिम चली थी जिस देश की सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई और अदालत ने डॉक्टर रमन की उस नीति को गैर संवैधानिक कहते हुए खारिज कर दिया।
अब छत्तीसगढ़ में सरकार अपनी बुनियादी जिम्मेदारी को भूल रही है और कानून लागू करने के अधिकार को आउट सोर्स कर रही है। हमें कवर्धा में हुए सामूहिक दुष्कर्म को लिखा, पीड़िता यहां राज्य के गृहमंत्री का गृह जिला है। आदिवासी समाज यहां आंदोलन रत है और 50 लाख रुपया मुआवजा मांग रहा है। बेमेतरा के एक गांव में सतनामी समाज के नौजवान को चाकू मार कर हत्या कर दी गई मला एक धर्म संबंधी पोस्ट को हटाने के संबंध में है। सोशल मीडिया पर हुई असहमति कत्ल तक पहुंच गई।
सतनामी समाज ने शव को चौक पर रखकर चक्का जाम किया एक करोड़ का मुआवजा मांगा, सरकारी नौकरी मांगी हमने कुछ ही दिन पूर्व अपंजीकृत संस्थाओं द्वारा रोज समाज का माहौल तनाव पूर्ण करने की बात लिखी थी। एक दिन पूर्व ही राज्य के महामहिम राज्यपाल बिलासपुर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय आए। न्याय को लेकर काफी गंभीर भाषण दिये गये पर किसी ने इस आउटसोर्सिंग पर बात नहीं की छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अपने 25 साल के कार्यकाल में बहुत से स्वत: संज्ञान के मामले लिए पर कानून लागू करने की आउटसोर्सिंग को कभी संज्ञान में नहीं लिया। आज अन्य राज्यों की हम नहीं जानते छत्तीसगढ़ में जिस तरह प्रत्येक रविवार को किसी घर में एक अपंजीकृत संगठन घुस जाता है और प्रार्थना करने वालों को अपराधी बना देता है। पुलिस उन्हें के बुलावे पर वैसे जाती है जैसे मेहमान। अब भीम आर्मी ईसाई धर्म मानने वालों के पक्ष में खड़ी हो रही है। भीम आर्मी में अधिकतर किस वर्ग के लोग हैं। हिंदू समुदाय के साथ टकराव बढ़ रहा है याद करें बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट भवन जलाने की और उसे घटना में भीम आर्मी की भूमिका फिर से उनके सक्रिय होना क्रिया की प्रतिक्रिया हो रही है। पर सबसे बड़ी बात इस पूरे मामले को अनदेखा किया जा रहा है। युवाओं को वास्तविकता समझने के स्थान पर डांडिया दिया जा रहा है ऐसा कितने दिन चलेगा।