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24hnbc फर्म एवं संस्थान न्यायालय के आदेश को फर्जी एवं बताने वाली संस्था सीडीबीई ने फिर से किया अपराधिक कृत्य
Thursday, 25 Sep 2025 18:00 pm
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बिलासपुर, 26 सितंबर 2025।
गौरतलब है कि न्यालय रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ के आदेश क्रमांक/ अपील-511/1306/25 नवा रायपुर दिनाँक 18/09/25 के आदेशानुसार मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल गौरेला के प्राचार्य पद पर श्रीमती भावना आर्थर ने अपना चार्ज प्राप्त कर कार्यभार संभाल चुकी है। इस बीच में कोर्ट के आर्डर को न मानने, अपमान करने व फर्जी कहने वाली संस्था छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन के विरूद्ध पुनः अवमानना की शिकायत दर्ज कर दी गयी है। इस बीच संस्था पर वर्तमान में भी स्थगन बने रहने व न्यालय में मामला लंबित होने के बाद भी सीडीबीई द्वारा भावना आर्थर के निलंबन का अवैध आदेश जारी होने की बात पता चली है विशेषज्ञों से पूछने पर पता चला कि कोर्ट के आदेश के ऊपर संस्था का आदेश प्रभावी नहीं होता इस तरह से भावना आर्थर ही प्राचार्य पद का संवैधानिक अधिकार रखती है। 
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन द्वारा कूटरचित दस्तावेजो से बैंक में हस्ताक्षर परिवर्तन कराया गया
 प्राप्त जानकारी के अनुसार कोर्ट के ऐतेहासिक आदेश व स्थगन आदेश के बाद भी छत्तीसगढ़ डायोसिस के अनाधिकृत पदाधिकारी जयदीप रॉबिन्सन, सुषमा कुमार ने शाला के विभिन्न शासकीय खातों में जो रायपुर -बिलासपुर ग्रामीण बैंक गौरेला में संचालित है, अवैध तरीके से गुमराह करते हुए हस्ताक्षर परिवर्तन कराया है, और कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश के बाद भी आपराधिक कृत्य करते हुवे बिलासपुर के मनीष जार्ज उर्फ बबलू की नियुक्ति मिशन स्कूल के मैनेजर के रूप में की गई है और सुनील श्रीवास को बैंक खातों में गुपचुप तरीके से सयुक्त हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि बैंक ने भी यह जानना नहीं चाहा कि इतने वर्षों से जो अधिकारी संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर रहे थे उनके नाम का अचानक से क्यों परिवर्तन किया गया और जो लोग उसे आदेश को जारी करते हैं और बैंक तक लाकर देते हैं क्या वह सही में संस्था के पदाधिकारी हैं या नही हैं? किस आधार पर उनकी पहचान की गई व फर्जी लेटर हेड को सही मान लिया गया, पत्रों का वेरिफिकेशन क्यो नही किया गया ? इस पर प्राप्त जानकारी के अनुसार कूतरचित दस्तावेजो की रचना करके असंवैधानिक तरीके से संस्था व बैंक के खातों में कब्जा करने के नीयत से और संस्था के पैसो का दुरुपयोग करने के लिए बैंक में हस्ताक्षर परिवर्तन कराया गया है। इस तरह का कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है। बैंक की कार्यप्रणाली संदेह में है, शाखा प्रबंधक ने बताया कि जो धोखा स्कूल के साथ हुआ है वही बैंक के साथ किया गया है सही जानकारी मिलने पर हमने सारे अकाउंट को ब्लॉक भी कर दिया है व जांच जारी है। शाला के पालकों ने इस तरह के गैरकानूनी कृत पर कानूनी कार्यवाही व एफआईआर दर्ज करने की तत्काल मांग की है। 
दशहरा त्यौहार से पूर्व कर्मचारियों ने वेतन दिलाये जाने हेतु डीईओ को पत्र लिखा
 यह भी जानकारी मिली कि अकाउंटेंट कार्यालय में सेलेरी से संबंधित समस्त कागजात है उसकी चाबी सुनील श्रीवास ने अभी तक प्रदान नहीं किया है, अवैध तरीके से अपने पास रखा है, जिसके कारण से शिक्षकों की दो माह से सैलरी नहीं दी जा सकी है समस्त कर्मचारियों ने लिखा है की जबकि श्रीमती भावना आर्थर कोर्ट के आदेश पर प्राचार्य पद पर है अतः सुनील श्रीवास से तत्काल चाभी लेकर वर्तमान प्राचार्य को प्रदान किया जाए ताकि हम त्यौहार मना सकें। इस पर प्रभारी प्राचार्य श्रीमती भावना आर्थर ने कहा कि संस्थागत सैद्धान्तिक लड़ाई होती रहेगी पर कोई भी कर्मचारी सैलरी पाने से वंचित नही होना चाहिए मैं अपने कर्मचारियों के साथ हूं, मुझे अकाउंटेंट कार्यालय की चाबी तत्काल प्रदान की जाए ताकि शिक्षकों की सैलरी बनाई जा सके। इस विषय पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच की जा रही है।