24 HNBC News
24hnbc धार्मिक स्वतंत्रता और आदिवासी को हिंदू घोषित कर देना पेचीदा मामला है
Wednesday, 17 Sep 2025 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com 
बिलासपुर, 18 सितंबर 2025।
बिलासपुर में हाल ही में एक आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या आए उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा सभी आदिवासी हिंदू हैं और राम को मानते हैं इन दोनों देश की सर्वोच्च अदालत में धर्मांतरण के संबंध में बनाए गए कानून पर बहस हो रही है। प्रलोभन, धोखाधड़ी, छल कपट से धर्मांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग पर याचिका करता से विद्यमान न्यायाधीश चीफ जस्टिस ने पूछा अंतर धार्मिक विवाह धोखाधड़ी है या नहीं यह तय करने का अधिकार किस है।
न्यायाधीश कानून की वैधता की जांच करता है कानून बनाने के लिए नहीं है। इस प्रकरण में सीनियर लॉयर इंदिरा जयसिंह, बिंदा ग्रोवर भी खड़े हो रहे हैं। क्योंकि धर्मांतरण के संदर्भ में कठोर कानून उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा और कर्नाटक में बना है। धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के बारे में कहा जा रहा है कि इसमें स्वतंत्रता के इलावा सब है। संविधान का अनुच्छेद 25 हमें धर्म प्रचार की अनुमति देता है। इसलिए जब देश के 10 राज्यों में यह कठोर कानून बना तो उसकी वैधता को चुनौती सुप्रीम कोर्ट में मिली आयोग के अध्यक्ष से आदिवासी समाज का प्रतिनिधि मंडल मिला मांग कि की आदिवासी धर्म कोर्ट पृथक से हो और इस बात को छुपाते हुए अध्यक्ष ने सभी आदिवासियों को सनातनी हिंदू और राम का अनुयाई बता दिया। आदिवासी समाज के प्रबुद्ध चिंतक मानते हैं कि आदिवासियों का धर्म पृथक है और कुछ आदिवासी के जीवन में धर्म का कोई स्थान नहीं है। 
जनगणना के पूर्व यह बहस जरूरी है आदिवासी कई स्थान पर आस्तिक और नास्तिक से हटके हैं ना वह जैन है, नाम बौद्ध है, ना सिख, ना सनातनी, ना पारसी, ना मुसलमान, ना ईसाई यदि वे इन सब से हटकर अपने लिए धर्म कोड मांगते हैं तो क्या गलत है।
​​​​​