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तथ्यों से अवगत कराया पत्रकार वार्ता में डायोसिस के कथित पदाधिकारीयों की शीघ्र हो गिरफ्तारी
Thursday, 10 Jul 2025 18:00 pm
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बिलासपुर, 11 जुलाई 2025।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन पंजीकृत संस्था के अवैधानिक पदाधिकारी जिनके विरुद्ध 19/6/2025 की तारीख में सिविल लाईन थाना रायपुर में धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन, रूपिका लॉरेंस, एसके नंदा बिशप, बीके नायक बिशप के विरुद्ध अपराध दर्ज है। शिकायतकर्ता अजय जाॅन, नीलिमा राबिंस, शशि बाघे, अतुल आर्थर ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की और उन समस्त दस्तावेजों को उपलब्ध कराया जिसके आधार पर गैर जमानती धाराओं में अपराध पंजीबद्ध हुआ।
मसीह समाज के इन जागरूक नागरिकों ने बताया कि किस तरह सीडीबीई जो पंजीकृत संस्था है उसे पर अवैध तरीके से कब्जा करके उनके अंतर्गत संचालित 19 स्कूलों में करोड़ों का फर्जीवाड़ा हुआ और यह जारी है। जयदीप, नितिन के विरुद्ध रजिस्टार सचिन ने स्थगन भी दे रखा है। पर ये और उनके साथी लगातार निलंबन, तनख्वाह न देना, पीएफ जमा न करना जैसे गैर कानूनी कृत कर जा रहे हैं। वैधानिकता ना होने के कारण ही बिलासपुर के मिशन अस्पताल के विभिन्न न्यायालीन प्रकरणों में भी इसके आवेदन पत्र खारिज हुए हैं। लगातार एक से अधिक वर्ष का पीएफ जमा न करना अमानत में खयानत का मामला है। जिसकी शिकायत पृथक से हुई है। और यह शिकायत सालेम स्कूल के शिक्षकों ने ही की है। पत्रकार वार्ता में उपस्थित नीलिमा रॉबिंस ने बताया कि सोशल मीडिया पर अब मर्यादित टिप्पणी करने के कारण नितिन लॉरेंस के खिलाफ भिलाई के थाने में अपराध पंजीबद्ध है। रायपुर ग्रामीण तिल्दा थाने में जयदीप रॉबिंसन, नितिन लॉरेंस, बिशप सुषमा के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध है। एक व्यक्ति जयदीप और नितिन के विरुद्ध अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज है पर गिरफ्तारी नहीं होती यही कारण है कि शिकायतकर्ताओं को धमकी भी मिलती है। और इन धमकियों की शिकायत भी अलग-अलग समय पर पुलिस अधिकारियों को दी गई। 
उन्होंने यह भी बताया कि रूपिका लॉरेंस, नितिन, जयदीप तीनों की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है। बिलासपुर सिविल लाईन थाना में जो अपराध दर्ज है। उसमें भी उच्च न्यायालय से कोई भी राहत नहीं मिली है। इन सब तथ्यों के बावजूद सीडीबीई के लिए कथित पदाधिकारी खुलेआम घूम रहे हैं। स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों को भयभीत करते हैं और पूरे मसीह समाज के सेवा समर्पण के इतिहास को दागदार कर रहे हैं।