24hnbc वर्दी और कबाड़ कहानी पुरानी
Wednesday, 11 Jun 2025 00:00 am
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बिलासपुर, 11 जून 2025।
वर्दी और कबाड़ी की दोस्ती पुरानी हकीकत है। मुख्य बात है शहर के विस्तार के साथ कबाड़ व्यवसाय का थाना क्षेत्र बदलना कारण कबाड़ का काम मुख्य धारा से कट कर ही होता है। बिलासपुर में एनटीपीसी, एसईसीएल, रेलवे जोन जैसी बड़ी संस्थान है जहां कबाड़ में ही करोड़ों का टर्नओवर है पर इस संस्थान के कबाड़ी चर्चा के बाहर है।
पिछले कुछ दिन से सिरगिट्टी थाना क्षेत्र कबाड़ पार्टी से वेलकम संगीत कब बजा ब्रेकअप का डीजे तेजी से बजा। शहर के दो थाना क्षेत्र में कबाड़ का धंधा ज्याद है एक सरकंडा और दूसरा सिरगिट्टी। सिरगिट्टी क्षेत्र औद्योगिक प्रधान है। और राष्ट्रीय राजमार्ग है। अतः कबाड़ के लिए माफिक है। पूर्व में पुराना बस स्टैंड के पास एक कबाड़ी का सुपरस्टार था। उसकी घरवाली पुलिस कर्मी थी लिहाजा धंधे में खूब बढ़ोतरी हुई, यह गठजोड़ खबरचियों का भी पुरा ख्याल रखता था। धंधा बढ़िया चलता था इस बीच एम वन को यहां का काम खटक गया तीनों शटर ने केवल लाम हो गए साथ ही तीनों को स्थाई रूप से बेल्ड किया गया। अवशेष आज भी कायम है। तीनों शटर बेल्ड है और पुट्ठे का धंधा सुबह दो सड़क किनारे होता है। पूर्व में यही ट्रक का चेचिस भी कट जाता था।
कबाड़ व्यापार में पहले एक ही जाति धर्म के व्यापारी थे और इन्होंने अपनी दो फचाइजी बाट दी थी। पर समय बदला कबाड़ के व्यापारी में सवर्ण का प्रवेश हुआ खबरचिओ ने इनके लिए कॉरिडोर बनाने में खूब मदद की बताते हैं। इस तरह वर्दी कबाड़ी और खबरचियों का अलग-अलग गुट बन गया। हर गुट में प्रतिस्पर्धा बड़ी है दांव-पेंच भी बड़े सिविल थाना क्षेत्र के एक ग्लैमर वाले टीआई थे कबाड़ी प्रेम के चक्कर में परेशान हुए तभी उन्हें एक खबरची के विरुद्ध 307 कायम करना पड़ा यही बंदा अभी सिरगिट्टी थाना के आर्म्स एक्ट में अंदर गया है।
बिलासपुर से कबाड़ की खटखट के अलावा धातु कबाड़ भी है यहां शांति ज्यादा है इतला न के बराबर और दाम चोखा है। धातु कबाड़ तब नजर आया जब इस व्यापारी के एक नामचीन के पुत्र का अपहरण हो गया। कबाड़ क्षेत्र में अभी गर्माहट ज्यादा है नए समीकरण बन रहे हैं। तो फिलहाल शतरंज की चाल रोज चली जा रही है।