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24hnbc हैप्पी बर्थ डे ओशो
Thursday, 10 Dec 2020 18:00 pm
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 Happy Birthday Osho: विश्वविख्यात ओशो अपने 59 वर्षीय जीवन काल में से सर्वाधिक 19 वर्ष जबलपुर में रहे। उस समय उनका नाम आचार्य रजनीश हुआ करता था। उन्हें जबलपुर से अतिशय प्रेम था। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका पहुंचकर जगप्रसिद्ध होने के बाद भी वे जबलपुर को शिद्दत से याद किया करते थे। यहीं एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि जबलपुर मेरा पर्वत स्थल है, जहां मैं सर्वाधिक आनंदित हुआ।अमेरिका में ऑरेगन स्थित रजनीशपुरम में एक प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा था- "जबलपुर में इस जगत का, इस पृथ्वी का एक सुंदरतम स्थल है-भेड़ाघाट। शायद ही पृथ्वी पर इतनी सुंदर कोई दूसरी जगह होगी। यहाँ नर्मदा दो मील तक संगमरमर की पहाड़ियों के बीच से बहती हैं। दोनों तरफ संगमरमर की पहाड़ियां हैं। एक तो संगमरमर की पहाड़ी यानी जैसे हजारों ताजमहल का सौंदर्य इकट्ठा कर दिया गया हो और बीच से नर्मदा का बहाव। इससे बड़ा ही अपूर्व दृश्य उपस्थित होता है। ओशो ने इसी संदर्भ में रोचक संस्मरण सुनाते हुए कहा-"एक बार मैं दुनिया घूम चुके अपने एक वृद्ध प्रोफेसर को, जिन्होंने मुझे पढ़ाया था, भेडाघाट दिखाने ले गया। वह शरदपूर्णिमा की रात थी। इस दिन तो नर्मदा के नैसर्गिक संगमरमरी सौंदर्य में कई गुना इजाफा हो जाता है। यही वजह थी कि जीवन में पहली बार भेडाघाट के अनुपम दृश्य को देखकर वे वृद्ध प्रोफेसर एकदम आवाक से रह गए। आनंदातिरेक में उनकी आंखों से आंसू छलकने लगे। वे भाव-विह्वल होकर रोने लगे। जब नौकाविहार शुरु हुआ तो कहने लगे कि यह जो मैं देख रहा हूं, क्या यह सब सच में है? क्योंकि मुझे लगता है कि मैं कोई सपना देख रहा हूं।