
दुर्ग। जिले में इन दिनों रबी फसल के अंतर्गत किसान गेहूं की फसल भी ले रहे हैं। ननकट्ठी व करंजा भिलाई क्षेत्र के कुछ किसानों ने बोनी के बाद गेहूं बीज के अंकुरण को लेकर शिकायत की है। किसानों का कहना है कि बीज 50 फीसद ही अंकुरित हो पाया है। इसमें से एक किसान ने बीज विकास निगम में शिकायत करने के साथ ही शेष बचे बीज का पांच बोरा लौटा दिया है। उक्त किसान ने समिति से ऋण पर प्रमाणित बीज लेना बताया है। वहीं क्षेत्र के करीब आधा दर्जन किसानों ने बोनी से पहले ही बीज लौटा दिया था। ऐसे किसानों को बीज में घुन लगा नजर आया था। इस गड़बड़ी ने प्रमाणित बीज की प्रमाणिकता पर ही सवाल उठा दिया है।रबी फसल के अंतर्गत जिले के कई किसान गेहूं की फसल ले रहे है। जिले में इस साल गेहूं की बीज का भी संकट था। बीज निगम द्वारा मध्यप्रदेश ेसे बीज मंगाया गया। कुछ किसानों ने करीब पखवाड़ा भर पहले खेतों में गेहूं की बोनी की है। इसमें से एक ननकट्ठी निवासी रविप्रकाश ताम्रकार ने उप संचालक कृषि विभाग दुर्ग, प्रबंधक छग राज्य बीज एवं कृषि विभाग रुआबांधा दुर्ग में लिखितशिकायत की है। इसके मुताबिक शिकायतकर्ता किसान ने सेवा सहकारी समिति ननकट्ठी विकासखंड दुर्ग से 20 बोरी गेहूं किस्म जीडब्ल्यू-366 खरीदा। इसमें से 15 बोरी गेहूं की बोनी की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक उक्त बीज में अंकुरण कम हो रहा है। रवि प्रकाश ताम्रकार ने बताया कि शेष पांच बोरी गेहूं को उसने समिति में लौटा दिया है। वहीं बीज विकास निगम ने पांच बोरी गेहूं के बीज का सैंपल लेकर जांच करने अधिनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसी तरह करंजा भिलाई के किसान युवराज देशमुख ने भी गेहूं बीज में अंकुरण नहीं होने की बात कही है। युवराज देखमुख के मुताबिक मात्र 50 फीसद की अंकुरण हो रहा है। हालाकि युवराज ने इसकी शिकायत कहीं भी नहंी की है। वहीं बीज विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि चंदखुरी के एक किसान ने भी बीज के अंकुरण को लेकर शिकायत की थी। जिसकी जांच कराई गई है। अफसरों के मुताबिक गेहूं बीज की क्वालिटी बेहतर है।