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24hnbc शिकायतकर्ता जाए जेल अवैधानिक पदाधिकारी करें ऐश
Sunday, 20 Apr 2025 00:00 am
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बिलासपुर, 20 अप्रैल 2025। 
छत्तीसगढ़ में इस तर्ज पर 11 शालाओं का संचालन हो रहा है। ये शालाएं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, मुंगेली, बलौदाबाजार, पेंड्रा जिले में स्थित है। इन शालाओं का संचालन छत्तीसगढ़ डायोसिस एजुकेशन बोर्ड पंजीकरण 2937 के अंतर्गत होता है। पर छत्तीसगढ़ डायोसिस पंजीकृत नहीं है और 2016 से लगातार इस आशय की शिकायत की जा रही है कि इन शालाओं से मिलने वाली फीस जो लाखों रुपए हर माह होती है। छत्तीसगढ़ डायोसिस में स्थानांतरण कर दी जाती है। छत्तीसगढ़ डायोसिस अपंजीकृत धार्मिक संस्था है और इसका काम चर्च का प्रशासन मात्र है। अब यह घोर आश्चर्य का विषय है कि सन् 2010 में छत्तीसगढ़ डायोसिस का गठन हुआ और तभी से एक अपंजीकृत संस्था और उसके पदाधिकारी शाला संचालन कर रहे, पदाधिकारीयों से वसूली कर रहे हैं। 2015 से इस अवैध वसूली की शिकायत छत्तीसगढ़ राज्य और छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर हर उचित मंच पर की गई है पर आज तारीख तक कोई कार्यवाही कहीं से नहीं होती। 
राज्य के कई आईएएस, आईपीएस और इनकम टैक्स विभाग के बड़े अधिकारियों को इस घोटाले की जानकारी है इस घोटाले में अवैध ट्रांजैक्शन हुआ है और जांच भी हुई पर दोषियों के खिलाफ एक्शन नहीं होता उच्च न्यालय के एक निर्णय के कारण पंजियक फर्म सोसायटी रायपुर ने जांच की थी और छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन में 2 करोड़ 6 लाख रुपए की अनियमितता और 37 लाख रुपए व्यक्तिगत तौर पर खर्च करने का मामला बनाया पर उसे पर कोई विधि सम्मत कार्यवाही नहीं हुई और यह आर्थिक घोटाला अभी भी चल रहा है।
विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि अपंजीकृत संस्था छत्तीसगढ़ डायोसिस का एक बैंक खाता लगभग एक माह पूर्व इनकम टैक्स विभाग द्वारा सिज किया गया है और यह कार्यवाही टैक्स न चुकाने के कारण की गई पर मूल प्रश्न की शिक्षण संस्थाओं की फीस राशि को छत्तीसगढ़ डायोसिस में कैसे ट्रांसफर किया जा सकता है और इस अवैध काम को कब रोका जाएगा और करने वालों के खिलाफ कार्यवाही कब होगी। छत्तीसगढ़ की विभिन्न अदालतों में छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारी आवेदन पत्र प्रस्कतुत करते हैं पर हमेशा इस तथ्य को छुपा लेते हैं कि वह अपंजीकृत है।