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मतान्तर का मामला विदेशी फंडिंग पर चिंता, लोकल फंडिंग के वित्तीय अनियमितता पर खामोशी
Tuesday, 18 Mar 2025 18:00 pm
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बिलासपुर,19 मार्च 2025।
17 मार्च के दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्मांतरण को लेकर प्रश्न उत्तर हुए। विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यान आकर्षण चर्चा में कहा कि मिशनरियों से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं में करोड़ों का अनुदान दिया जाता है। पर उसकी ऑडिट नहीं होती। गृह मंत्री ने कहा चंगाई सभा की आड़ में मतान्तर करने की शिकायत पर तुरंत कार्यवाहीं जाती है।
विधायक का कहना था 22 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री ने विदेशी फंड से मतान्तर होने का बयान दिया था। इस पूरी चर्चा में बेलतरा विधायक ने कहा कि जोशवा प्रोजेक्ट चलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना तंत्र फेल है। गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में 153 ऐसी संस्थाएं हैं जो एफसीआरओ में पंजीकृत है। कुल 364 संस्थाएं थी जांच के बाद 84 संस्थाओं की फंडिंग रोकी गई है। 127 की वैधता समाप्त की गई है। अभी 153 संस्थाएं हैं जिन्हें विदेशों से फंडिंग होता है।
हमारा यह पूरा विश्लेषण अब विधानसभा की चर्चाओं के आसपास ही घूमेगा। 2016 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के समक्ष क्रिश्चियन समुदाय के ही यशराज सिंह और अन्य दो ने एक जनहित याचिका लगाई जिसमें छत्तीसगढ़ के भीतर ईसाई समाज की ओर से संचालित 19 अनुदानित गैर अनुदानित शिक्षण संस्थानों के संचालन में हो रही गड़बड़ी की बात कही है। जनहित याचिका में छत्तीसगढ़ डायोसिस की तरफ से उपस्थित पदाधिकारीयों और 19 स्कूल के प्राचार्यों ने यह शपथ पत्र दिया की शाला जबलपुर डायोसिस से संचालित है। माननीय न्यायालय ने जनहित याचिका को निराकृत करते हुए शैक्षणिक संस्थाओं की वित्तीय जांच के लिए कहां, रजिस्टार फर्म सोसायटी ने जांच की और करोड़ों की वित्तीय अनियमितता पाई। इस संबंध में सिविल लाईन थाना रायपुर में एक एफआईआर दर्ज की गई पर यहीं एक गड़बड़ी भी हुई। रजिस्टार फर्म सोसायटी ने धारा 27 में छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारीयों की जो सूची दी उससे इतर नितिन लॉरेंस ने स्वयं को सचिव बताते हुए सिविल लाईन थाना में एफआईआर कराई। एक अन्य शिकायत जो यशराज सिंह एवं अन्य ने 19.5.2024 को की उसका जांच प्रतिवेदन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन थाना रायपुर जांच संक्षेपिका दिनांक 6.7.2024 स्पष्ट कहती है कि नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन एवं अन्य निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन के अधीन स्कूल नहीं रहने के बाद भी अपने आप को फर्जी अध्यक्ष एवं अन्य कार्यकारिणी बताकर स्कूल का संचालन, नियुक्ति, निलंबन करने के कारण प्रथम दृष्टिया संज्ञेय अपराध बनता है। एफआईआर दर्ज की जाए और सूचित किया जाए पर आज तारीख तक अर्थात 6.7.2024 से 19. 3. 2025 तक इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। 
14.12. 2024 को नई दुनिया रायपुर के एक समाचार की हेडिंग है। गड़बड़ी उजागर मिशनरी स्कूलों की राशि से मतांतरण का खेल। बच्चों की फीस 2.6 करोड़ का गबन। इसी संदर्भ में रजिस्टर फर्म सोसायटी ने छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन के कामकाज पर भी रोक लगाई पर आज तारीख तक मूल फैसला नहीं सुनाया 31.12.2024 को लोकेश कावड़िया प्रदेश कार्य समिति सदस्य भाजपा, प्रदेश प्रभारी भाजपा एनजीओ एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ ने एक पत्र पुलिस अधीक्षक रायपुर को लिखा और कहा कि धर्मांतरण फीस राशि का गबन वेतन न देने, प्रचारको को फीस राशि से वेतन देने आदि के संबंध में लगातार मुद्दा उठाने के कारण उन्हें धमकी दी जा रही है। और इसी तरह यशराज सिंह, बीनू बैनेट को भी लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। जो पीआईएल के आवेदक हैं। आगे उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि शीघ्र एफआईआर दर्ज करें। अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें पर इसके बाद जो हुआ वह तो और भी आश्चर्यजनक है।
छत्तीसगढ़ डायोसिस के अवैधानिक सचिव ने 17.2.2025 समय 4:05 पर बिलासपुर सिविल लाईन थाना में एक एफआईआर कराई एफआईआर संवेदनशील होने के कारण नेट पर देखी नहीं जा सकती पर इस संदर्भ में रायपुर से उसी दिन गिरफ्तार करके लाये यशराज सिंह को जो जमानत प्राप्त हुई है उसमें न्यायाधीश महोदय ने केस डायरी के आधार पर जो लिखा उससे स्पष्ट होता है कि सुबोध मार्टिन (रवि) नाम के व्यक्ति ने नितिन लॉरेंस को 11.2.2025 के 1:30 से दिनांक 12.2.2025 के 2 बजे के मध्य प्रार्थी का रास्ता रोककर अश्लील गाली दी जान से मारने का डर दिखाया और 10 लाख रुपए की मांग की, संबंध में धारा 308(5)3(5) बीएनएस का अभियोग हैं।
यशराज सिंह, बीनू बैनेट ने को सत्र न्यायालय से नियमित जमानत मिल चुकी हैं। सुबोध मार्टिन की अग्रिम जमानत सत्र न्यायलय से खारिज हई है। यशराज सिंह का कहना है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ डायोसिस, छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के संबंध में तथ्यात्मक शिकायतें की है। देश के सर्वोच्च अदालत ने 2013 में ही सीएनआईटीए, सीएनआई सहित कुछ और समितियों ट्रस्ट की वैधानिकता को विधि शून्य कहा है। और यह निर्णय अंतिम है के बावजूद छत्तीसगढ़ में तथाकथित समिति और उसके तथाकथित और उसके तथाकथित पदाधिकारी 19 स्कूलों के माध्यम से करोड़ों की फीस उगाही कररहे हैं। और पैसे का मनमर्जी उपयोग करते हैं। बिलासपुर में मिशन अस्पताल पर नगर पालिका निगम बिलासपुर का कब्जा है। इसी परिसर के अंदर एक कलीसिया संचालित है कलीसिया का संचालक अवैध रूप से संचालित भी करता है। इसकी जानकारी नजूल न्यायालय को है। पर नोटिस के अतिरिक्त कोई कार्यवाहीं नहीं होती।
विधानसभाम में जो चर्चा हुई उसमें विदेशी फंडिंग की ज्यादा बात हुई पर 19 स्कूल की करोड़ों का फीस कलेक्शन और उसका बंदरबांट पर कोई चर्चा नहीं हुई। आखिर दोहरा मापदंड रखकर गृहमंत्री क्या दिखाना चाहते हैं।