
बिलासपुर। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के सामने प्रदेश भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आई ऐसा माना जा रहा है कि वरिष्ठ महिला नेत्री को कमान मिलने के बाद पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ेगा पर ऐसा नहीं हुआ। कल छत्तीसगढ़ भवन के कमरा नंबर 1 में पार्टी के पुरुष पदाधिकारी तो कक्ष के अंदर बैठे थे, और महिला पदाधिकारी व कार्यकर्ता बाहर कारीडोर में अंदर से बुलाए जाने का इंतजार करते रहे, एक नेता ने जब मंडल अध्यक्ष से महिला कार्यकर्ताओं को अंदर बुलाने का निवेदन किया तो पदाधिकारी ने टका सा जवाब दिया बाहर ही मिलेगी। अंदर बुला कर टाइम खराब करने से क्या फायदा, पदाधिकारी के इस जवाब से पता चलता है कि हार के बाद भी नेता कार्यकर्ता की परख नहीं करते और इसी कारण पार्टी की हार भी हुई थी। रायपुर से बिलासपुर तक जहां कहीं भी जिस किसी भी कार्यक्रम में डी पुरंदेश्वरी गई वहां पार्टी गुट गुट में बटी रही। वरिष्ठ नेताओं की भी अनदेखी हुई रायपुर बैठक में तो नंदकुमार साय जैसे वरिष्ठ नेता को नाम ना होने के कारण उन्हें उल्टे उलटे पैर वापस जाना पड़ा । भाजपा की कुछ समर्पित कार्यकर्ता यह कहते पाए गए कि अब राज्य भाजपा में भी दल बदलूओं का महत्व बढ़ गया है। तभी तो हाईकमान ने एक दल बदलू को प्रदेश का प्रभारी बना दिया डी पुरंदेश्वरी ने बैठकों के बाद नेताओं सहित कार्यकर्ताओं को मंथन चिंतन और परिवर्तन का सूत्र दिया। फिलहाल इस दौरे में वे रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को ही तबज्जू देती दिखी आने वाला समय प्रदेश भाजपा के लिए उठापटक वाला होगा । कई नेता पीछे छूटेंगे। जब सत्ता के खिलाफ सड़क पर आना पड़ेगा जिन्होंने 15 साल एसी की हवा खाई और 2 साल से फुल छाप कांग्रेसियों की मदद से सत्ता की मलाई पिछले दरवाजे से खा रहे हैं वह सड़क पर उसी सत्ता के खिलाफ कैसे उतरेंगेउतरेंगे ?