24hnbc राजस्व न्यायालय को भ्रम में रखकर कर लिया स्थगन, हुई कलेक्टर को शिकायत
Tuesday, 21 Jan 2025 18:00 pm
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बिलासपुर, 22 जनवरी 2025।
ब्लॉक पिथौरा जिला महासमुंद के राजस्व न्यायालय में मिशन की आबादी भूमि में दिया गया एक स्थगन तब खबर बन गया जब 13 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य लोकेश कावड़िया की एक चिट्ठी कलेक्टर को प्राप्त हुई। पत्र का विषय समाचार के संदर्भ में सब कुछ कहता है नितिन लॉरेंस, अजय, उमेश जेम्स श्रीमती सुषमा कुमार एवं तहसीलदार पिथौरा विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने बाबत.....।
आवेदन पत्र में कहा गया है कि ग्राम पिथौरा पटवारी हल्का नंबर 12 राजस्व निर्माण मंडल पिथौरा, तहसील पिथौरा, जिला महासमुंद में स्थित मिशन की आबादी भूमि खसरा नंबर 290 /1 , 3.0920 हेक्टर पर नितिन लॉरेंस ने दिनांक 13 जून 2023 को यूसीएनआईटीए लेटर पैड पर अजय, उमेश जेम्स एवं स्वयं को ज्वाइन पावर ऑफ अटॉर्नी घोषित करते हुए तहसीलदार पिथौरा को आवेदन दिया और स्थगन मांगा 14 जुलाई को स्थगन प्रदान कर दिया गया। पत्र कहता है कि 11 नवंबर 2024 को स्थगन आदेश की प्रति प्राप्त हुई स्पष्ट उल्लेख है कि यूसीएनटी मुंबई के जॉइंट पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर के रूप में नितिन लॉरेंस ने स्वयं एवं श्रीमती सुषमा कुमार के साथ आवेदन प्रस्तुत किया और स्थगन प्राप्त किया। आवेदक ने अलग-अलग संस्था यूसीएनआईटीए पश्चात न्यू सीएनआई मुंबई का जॉइंट पावर ऑफ अटॉर्नी होने का दावा किया गया। न्यायालय द्वारा आंख बंद कर बिना किसी जांच के संपत्ति मूलत: किसके नाम पर दर्ज है यह स्थगन दिया गया। प्रकरण में पावर ऑफ अटॉर्नी भी संलग्न नहीं है।
इतना ही नहीं जितेंद्र सिंह जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 5 ने 9 नवंबर 2024 को थाना प्रभारी पिथौरा को यह आवेदन दिया जिसमें कहा गया कि नितिन लॉरेंस नामक व्यक्ति डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ का सचिव है और समाज के विभिन्न वर्गों में द्वेष फैला रहा है। नगर की शांति को खतरा है एक अन्य आवेदक प्रशील जोसेफ पिता चंद्र भूषण ने 9 नवंबर 2024 को पिथौरा थाने में शिकायत की और कहा कि नितिन लॉरेंस ने उसे पर दबाव बनाया ₹500000 की मांग की, न देने पर कहा कि इसी समाज के लोगों को पिथौरा लाकर तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगा। प्रशील की शिकायत में यह भी लिखा है कि डर के कारण उसने जितेंद्र सिंह से ₹100000 उधार लेकर नितिन लॉरेंस को नगद दिया। पूरे मामले में भाजपा के कार्य समिति सदस्य द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखना रिश्वत देकर स्थगन देने का आरोप पिथौरा में रैली प्रदर्शन के बाद इस मामले की खूब चर्चा है। एसडीएम कोर्ट की फाइल में आवेदन पत्र के अतिरिक्त अन्य कोई दस्तावेज न होने से मामला संदेह के घेरे में आता है। पूरे छत्तीसगढ़ में संपत्ति संबंधी विवादों को लेकर इसी संस्थाएं और उनके पदाधिकारी अब विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं।
कथित पदाधिकारी, अपंजीकृत संस्था संबंधित पंजीयन बार-बार नई पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी लेने और देने वालों पर संदेह के चलते ईसाई समाज के सदस्य ही अपने पदाधिकारीयों पर संदेह करने लगे हैं। उन्हीं के व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा करें तो न्यायलयीन मामलों को एक तरफ रखकर बने पदाधिकारी इन दोनों कश्मीर की वादी की सैर पर हैं। कुछ लोग तो हवाई जहाज के टिकट का स्नैपशॉट डालकर दौरे के वित्तीय खर्चों पर चुटकी ले रहे हैं।