24 HNBC News
24hnbc छत्तीसगढ़ डायोसिस के ये पदाधिकारी किसकी पहुंच से बचें हैं
Sunday, 05 Jan 2025 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com 
बिलासपुर, 6 जनवरी 2025।
नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन थाना रायपुर का थाना प्रभारी सिविल लाइन रायपुर को प्रेषित पत्र 6.7.2024 तथा इसी परिपेक्ष में 31.12.2024 का लोकेश कावड़िया प्रदेश कार्य समिति सदस्य भाजपा, प्रदेश प्रभारी भाजपा, एनजीओ एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ द्वारा माननीय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर को संबोधित पत्र तथा देश की सर्वोच्च अदालत की रेट पिटीशन क्रिमिनल 68/2008 ललित कुमारी वर्सेस उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य निर्णय दिनांक 12 .11. 2013 के निर्दोषों का हिंदी अनुवाद को क्रमशः समझे कि छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ़ एजूकेशन के अधीन स्कूलों में जारी विधि शून्य प्रबंधन और उसके पदाधिकारीयों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध क्यों नहीं होता।
शिकायत जांच संक्षेपिका में लिखा है कि आप का मूल विषय अनावेदक गण (नितिन लॉरेंस, जयदीप रॉबिंसन एवं अन्य) द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि स्कूल फीस लेने डायोसिस के अधीन स्कूल नहीं रहने के बावजूद फीस संग्रहण तथा स्टाफ के विरुद्ध निलंबन आदि की कार्यवाही जांच उपरांत नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन रायपुर का पत्र क्रमांक 19. 6. 2024 जो थाना प्रभारी सिविल लाइन रायपुर को भेजा गया, में स्पष्ट लिखा है कि आवेदक गणों के कथन एवं संलग्न दस्तावेज का अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टि या संज्ञेय अपराध का घटित होना प्रतीत होता है। अतः उपरोक्त शिकायत पर वैधानिक कार्यवाही कर इस कार्यालय को अवगत करना सुनिश्चित करें। 
सुप्रीम कोर्ट निर्णय दिनांक 12.11.2024 का तीसरा बिंदु यदि जांच से यह प्रकट होता है कि संज्ञेय अपराध किया गया है। तब प्रथम सूचना प्रतिवेदन अवश्य पंजीकृत किया जाना चाहिए। इसी निर्णय का अलग बिंदु यदि संज्ञेय अपराध का किया जाना प्रकट होता है तो ऐसे अपराधों को दर्ज करने के अपने कर्तव्य की उपेक्षा पुलिस अधिकारी नहीं कर सकता। अब ध्यान दें भाजपा कार्य समिति सदस्य का 31.12.2024 का पत्र पारा 2 में लिखा है माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देश पर फर्म सोसायटी रायपुर में जांच उपरांत कथित पदाधिकारी के विरुद्ध 2 करोड़ 6 लाख की वसूली निकली है। पत्र में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ताओं को लगातार खुले आम धमकियां दी जा रही है। जिसमें जान से मारने की धमकी भी शामिल है। 
छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर इस समिति के अनुदानित गैर अनुदानित स्कूलों की संख्या लगभग 19 बताई जाती है। तब यह वित्तीय घोटाला जो नित्य जारी है पर सक्षम अधिकारी संज्ञान क्यों नहीं लेते अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है।