
नई दिल्ली : हैदराबाद एनकाउंटर के एक साल बाद आयोजित एक लेक्चर में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने अगाह करते हुए कहा कि ‘तुरंत न्याय’ की भावना और पुलिस एनकाउंटर के चलते ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जहां कोई भी बेगुनाह व्यक्ति ‘सरकार की मनमानी कार्रवाई’ का शिकार हो सकता है.हैदराबाद की डॉक्टर के साथ सामूहिक बलात्कार और उनकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी.बार एंड बेंच के मुताबिक, अपने भाषण में रिटायर्ड जज ने कानून के शासन की महत्ता पर जोर दिया. विशेष रूप से हैदराबाद एनकाउंटर का उल्लेख करते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा, ‘यदि आरोपी के पुलिस एनकाउंटर की वाहवाही की जाती है तो हममें से कोई भी कल इसका शिकार हो सकता है.’वह बीते छह दिसंबर को हैदराबाद के आईसीएफएआई लॉ स्कूल में व्याख्यान दे रहे थे.उन्होंने कहा, ‘जब हम अखबारों में ‘तुरंत न्याय’ के बारे में पढ़ते हैं तो बड़ा अच्छा लगता है, लेकिन मामला ये है कि ये सब सिर्फ उन्हीं चार लोगों तक नहीं रुकता है. यदि इस तरह के सिस्टम को प्रमोट किया जाता है तो हममें से कोई भी व्यक्ति इसका शिकार हो सकता है. यदि स्थानीय पुलिसवाला आपसे खुश नहीं है तो वह ये कह सकता है कि आप किसी अपराध के आरोपी हैं और इसके बाद कुछ भी हो सकता है.’पूर्व न्यायाधीश ने उल्लेख किया कि हैदराबाद में चार आरोपियों के एनकाउंटर की खबर को सिविल सोसाइटी द्वारा जश्न के रूप में मनाया गया था, जो कि हमारे कानून व्यवस्था की अक्षमता को दर्शाता है.