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24hnbc 26 साल से बंद है इनकी सम्मान निधि पूर्वजो के नाम पर होती है राजनीति
Monday, 07 Dec 2020 18:00 pm
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सेल। छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के आधे वंशजों का शासन द्वारा प्रदान किए जाने वाले सम्मान पेंशन पिछले 26 सालों से बंद है। 26 सालों से पेंशन राशि से वंचित शहीद के वंशज आज रोजी मजदूरी कर जीवन यापन कर गरीबी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं ।देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज मुन्चु राम दीवान को प्रशस्ति पत्र देकर 23 मार्च 1981 को जगदलपुर (बस्तर) में सम्मानित किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह को शहीद के वंशजों को सम्मान निधि पेंशन प्रदान किए जाने के आदेश दिए थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेशानुसार मप्र शासन ने शहीद वीर नारायण सिंह के वंशजों को प्रतिमाह 500 रुपये पेंशन दिए जाने का आदेश पारित किया था और उसके बाद वीर नारायण सिंह के दोनों पुत्रों गोविंद सिंह व गंभीर सिंह के वंशजों को सम्मान स्वरूप पेंशन प्रदान किया जाता रहा। यह सिलसिला अक्टूबर 1994 तक चला। उसके बाद गोविंद सिंह के वंशजों जैसे रजपाल सिंह, गजपाल सिंह, नैपाल सिंह, चंद्रभान सिंह, नूरपाल सिंह, कीर्ति कुंवर, हरिहर सिंह, चिंगराज सिंह आदि को तो पेंशन मिलती रही लेकिन दूसरे पुत्र गंभीर सिंह के वंशजों काशी राम, दीवान सिंह व मुंचु राम का पेंशन अचानक बंद हो गया। पेंशन बंद होने के बाद उनके द्वारा अनेकों बार प्रशासनिक अधिकारियों का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली