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24hnbc मिशन अस्पताल पर विज्ञप्ति वीर चुप क्यों....
Saturday, 31 Aug 2024 18:00 pm
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बिलासपुर, 1 सितंबर 2024।।
अजब शहर है बिलासपुर अंग्रेज शासन से शुरू हुई जमीन की लूट, आज तक थमने का नाम नहीं ले रही है। इतिहास के उदाहरण बाद में पहले ताजा उदाहरण मिशन अस्पताल 12 एकड़ की इस जमीन की बाजार कीमत 1000 करोड़ से ऊपर है। शहर की नली, डायरिया, सीवरेज सहित हर मुद्दे पर बोलने वाले नेता सत्ता के हो या विपक्ष के ने इस मिशन अस्पताल की लीज निरस्तीकरण पर एक शब्द भी नहीं कहा यहां तक की बड़े न्यूज़ चैनलों ने इस स्टोरी पर अप्रूवल नहीं दिया। 100 साल अधिक पुरानी लीज एक झटके में खत्म हो गई। 
लीज बढ़ाने का आवेदन भूपेश बघेल सरकार के समय लगा कांग्रेसी जिसे ईसाई हितकारी कहा जाता है यदि सही होता तो लीज नवीनीकरण हो जाता...... भोंदू दास जैसे जमीन घोटाले कांग्रेस शासन काल में ही हुए करने वाला मास्टरमाइंड भाजपा का नजदीकी हुआ करता है, बच गया। सब मिल बात कर खाते हैं 2024 में मिशन अस्पताल की लीज का आवेदन निरस्त कर दिया गया इतना बड़ा विशाल भूखंड जिसकी लीज इसलिए निरस्त हुई की उसने अपने जमीन के कुछ टुकड़े बेचे। खरीदने वाले तीन अग्रवाल की न लीज निरस्त हुई है, न होगी। इसके पूर्व बिलासपुर जिले के सबसे बड़ा सरकारी भूमि घोटाला व्यापार विहार बड़ा है। जिसमें न्यूनतम दर पर एसटी - एससी की जमीन लेकर दोबारा बेचकर व्यवस्था ने करोड़ कमाए। एक और बड़ा उदाहरण जिसे आज सत्यम टॉकीज रोड कहा जाता है इस क्षेत्र की 13 एकड़ जमीन यह जमीन स्वतंत्रता के पूर्व शासकीय दस्तावेज जिले लाल किले लाल के नाम पर दर्ज है। जाति सतनामी उसे समय के बंगाल नागपुर रेल कंपनी ने बगैर मुआवजा दिए लिया परियोजना रद्द होने पर उक्त भूखंड केंद्र सरकार के खाते में चला गया। बाद में नजूल हो गया बाद में इसी जमीन पर शहर के प्रभावशाली लोगों को पट्टा दिया गया। एससी की जमीन के बीच से रोड निकाल दी गई आज मुख्य मार्ग के दोनों ओर करोड़ों की प्रॉपर्टी खड़ी है । जाने कितनी बार पट्टाधारियों ने खरीदी बिक्री की यहां तक की चलता हुआ पेट्रोल पंप फर्जी तरीके से बेचा गया। एक खुला भूखंड मात्र 10000 स्क्वायर फीट का प्रकरण जिले लाल के पक्ष में क्या हुआ पूरी व्यवस्था उसे छिनने में लग गई। जब जमीन एससी वर्ग के भू स्वामी को जा रही थी तब निगम को वहां वृद्ध आश्रम दिखाई देने लगा पर जब एक प्रभावशाली आईएएस ने अपनी जमीन बैठाई तब किसी को ऐतराज नहीं हुआ यह बिलासपुर का कर्म है। बीमार को सहारा नहीं देगा करने का करेगा इंतजार....।