24hnbc भाजपा अपनी नाकामी छिपाने, कांग्रेस पदाधिकारी को कर रही गिरफ्तार
Thursday, 22 Aug 2024 18:00 pm
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बलौदाबाजार, 23 अगस्त 2024।
बलौदाबाजार।जिलाकांग्रेस अध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर, विधायक कसडोल संदीप साहू,विधायक बिलाईगढ़ कविता प्राण लहरे,वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेशनितिन त्रिवेदी,प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा,पूर्व विधायक जनकराम वर्मा,दिनेश यदु,विक्रम गिरी, ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया
नेताओं ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि बलौदाबाजार के मामले में साय सरकार अपनी नाकामी और पूरे देश में हुई बदनामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है। कांग्रेस के विधायक देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है। यह विपक्ष को बदनाम करने की साजिश है। विधायक देवेन्द्र यादव बलौदाबाजार में न भाषण दिये और न ही कलेक्टर ऑफिस प्रदर्शन में शामिल हुये। वे भीड़ में पांच मिनिट रूक कर वापस आ गये थे। कही भी किसी हिंसक घटना में उनके संलिप्तता का कोई भी साक्ष्य नहीं और न ही वे किसी भी प्रकार की घटना में शामिल थे। पुलिस ने उनको गलत तरीके से गिरफ्तार किया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार, पुलिस बताये किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया, पूछताछ की गयी। कांग्रेस के किन नेताओं का नाम है, हम खुद पूछताछ के लिये लेकर आयेंगे। न्याय संगत कार्यवाही होनी चाहिये।
भाजपा सरकार का चरित्र और व्यवहार 8 माह में ही अलोकतांत्रिक हो गया है। पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने उनकी गाड़ी में गांजा रखा जाता है। विपक्ष के विधायक को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया गया। सरकार बनते ही पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ झूठा मुकदमा ईओडब्ल्यू में दर्ज किया। बलौदाबाजार के मामले में सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों को चिन्हांकित करके उनको जेलों में डाला गया।
कांग्रेस भाजपा सरकार के इस आताताई चरित्र से डरने वाली नहीं। इस प्रकार के कृत्यों से हमारा कार्यकर्ता और मजबूती से सरकार के खिलाफ जनता की आवाज उठायेगा।
बलौदाबाजार में हुई आगजनी की भयावह घटना शासन प्रशासन की बड़ी लापरवाही व सरकार की इंटेलीजेंट के फैल हो जाने के कारण हुई। समय रहते सरकार व प्रशासन सचेत हो जाता व समाज के द्वारा सीबीआई जांच की मांग को पूर्व में ही मान लेता तो प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना से बचा जा सकता था।
पूरी घटना के लिये प्रदेश की भाजपा सरकार दोषी है। लचर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया, जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है।
साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदाबाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी है। यदि समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती। इस पूरे आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच हो। धरना प्रदर्शन को कलेक्टर से परमिशन दिलाने वाला कौन था? रैली में आने वाले हजारों लोगों के लिये भोजन, मंच, पंडाल, माइक के लिए रुपयों की व्यवस्था किसने किया? इतनी बड़ी घटना के बाद भड़काऊ भाषण देने वाले की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? नागपुर से 250 से अधिक लोग आये थे वो कौन थे? सरकार ने उन पर नजर क्यों नहीं रखा था? रैली की शुरूआत से ही उपद्रव शुरू हो गया था उसके बावजूद लोगों को कलेक्ट्रेट क्यों जाने दिया गया? भीड़ को रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई? आम जनता के वाहन जलाये जा रहे थे, लोगों को दौड़ा कर पीटा जा रहा था तब पुलिस कहां थी? एसपी किसके इशारे पर शांत बैठे हुये थे? घटना को रोकने के बजाय पलायन क्यों कर गये?
नेताओं ने आगे कहा कि कांग्रेस के हमारे नेता देवेंद्र यादव समाज के लोगों के बुलावे पर सभा में सिर्फ शामिल हुए और उनके साथ जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष,एनएसयूआई के अध्यक्ष और पार्षद गोल्डी मारैया साथ में शामिल हुएउन्होंने न भाषण दिया और ना ही आगजनी के समय वहाँ पर थे।उनको षड्यंत्र पूर्वक फंसाने के लिये इतनी सारी धाराएं लगाई है। इस गिरफ्तारी की हम निंदा करते है। हम सब देवेन्द्र यादव व गिरफ्तार कांग्रेस के साथियों के साथ है क्योकि देवेन्द्र यादव के साथ कोई अप्रत्याशित घटना न हो। बीजेपी की सरकार षड्यंत्र के तहत कार्यवाही कर रही है।देवेन्द्र यादव को पूछताछ करने के लिये पुलिस उनके निवास गई थी और फिर गिरफ्तार करके ले गयी। भाजपा की सरकार कांग्रेस के नेताओं को परेशान कर रही है। देवेन्द्र यादव को बिना किसी साक्ष्य के गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के पास कोई साक्ष्य हो तो प्रस्तुत करे। विपक्ष चुप बैठने वाला नहीं है। बलौदा बाजार की घटना की निष्पक्ष जांच करवाने में सरकार विफल है। भाजपा की सरकार कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है।
विधायक सहित कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ कि कलेक्टर एवं एसपी आफिस जला दिये जाते है। 10 जून की घटना को लेकर पूरे 67 दिन बाद देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी हुआ है। धाराएं इतना है कि जांच अधिकारी जितना लिख सकता था उतना लिखा। भाजपा ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया। भाजपा अपनी नाकामी को छुपाने के लिये ऐसी कार्यवाही कर रहे है। पुलिस जो धारा लगायी है उनको साक्ष्य दिखाना चाहिये। षड़यंत्रपूर्वक गलत धाराओं के तहत देवेन्द्र यादव के ऊपर 20 धाराओं के ऊपर कार्यवाही की गयी है। यह सरकार की हताशा को बताता है।पुलिस पूछताछ कर रही थी फिर गिरफ्तार कर ले आई। क्योकि यह कार्यवाही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के संरक्षण में हुआ है। देवेन्द्र यादव ने कोई अपराध नही किया इतने सारे धाराये जबरदस्ती लगा दिये है। समाज ने सीबीआई जांच की मांग किया हैं तो सरकार क्यो सीबीआई जांच नही करवाती है। छोटी-छोटी घटनाओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा की गयी है तो इतनी बड़ी घटना जिसमें एक समाज के प्रतीक चिन्ह को तोड़ा गया। एक जिले के कलेक्टर, एसपी कार्यालय को जला दिया गया उसकी सीबीआई जांच करवाने में क्या परहेज है। हम सबने वर्तमान जज की देखरेख में जांच कराने कहा क्यों नहीं कराया गया।
पत्रकारवार्ता के दौरान परमेश्वर यदु,तुलसी वर्मा,गोपी साहू,मनीष चंद्राकर,लखेश साहू,गणेशशंकर साहू,रोहित साहू,अविनाश मिश्रा,पिंटू वर्मा आदि उपस्थित थे।