24hnbc ओ.टी. में पत्नी को पीटा पति की शिकायत अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बताई मेडिकल मजबूरी कहा भ्रामक एक पक्षीय समाचार के कारण होते हैं परेशान, की थाने में शिकायत
Saturday, 30 Mar 2024 00:00 am
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बिलासपुर, 30 मार्च 2024।
भ्रामक डॉक्टरी पेसे की छबि खराब करने के इरादे से बिल्हा के स्थानीय एक पत्रकार द्वारा चलाई जा रही खबर और रघुनंदन नाम के तिमरदार द्वारा बिल्हा थाने में की गई शिकायत के बाद विधायक अस्पताल के डॉक्टर, कर्मचारियों ने भी पुलिस थाने में एक आवेदन पत्र दिया। रघुनंदन ने अपनी शिकायत में कहा कि वह अपनी पत्नी को 26 तारीख को बिना अस्पताल लेकर आया वहीं उसकी पत्नी जो तीन बच्चों की मां भी है स्पष्ट कहती है कि वह गर्भवती है और अबॉर्शन के साथ नसबंदी ऑपरेशन करना चाहती है। पति ने अपनी शिकायत में दो बातें मुख्य तौर पर कही है। पहले बिल्हा की महिला चिकित्सक डॉक्टर कवर के नाम पर एक महिला कर्मचारी जिसे शिकायतकर्ता अपनी मामी कहता है ने 2500 रुपए लिया। दूसरा ऑपरेशन थिएटर में पत्नी को पीट दिया गया पति यह भी कहता है कि जब ऑपरेशन चल रहा था तो उसे भीतर बुलाया गया बताया गया कि पेट में सिस्ट है और सिस्ट बड़ा है। बताया कहा नसबंदी ऑपरेशन फिलहाल नहीं किया जा सकता पति का कहना है ऑपरेशन थिएटर से निकलने के बाद उसकी पत्नी ने उसे बताया कि अंदर उसकी पिटाई हुई है। रघुनंदन ने पत्नी के साथ जो कुछ हुआ अपने स्वजाति बंधु पत्रकार को बता दी तब खबर चलने लगी।
बिल्हा अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टर और कर्मचारियों का कहना है की मरीज जिनका ऑपरेशन होना था ऑपरेशन टेबल पर ऑपरेशन के पूर्व लोकल एनेस्थीसिया दिया गया था। मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार उससे बातचीत भी की जा रही थी तभी मरीज का ऑक्सीजन लेवल नीचे जाता दिखाई दिया। कब मरीज को कॉन्शियस रखने के लिए उसे थपकी दी गई या आमतौर पर होता ही है। थाने में दोनों पक्षों ने लिखित शिकायत की है और जांच चाही हैं।
आश्चर्य की बात ही यह है कि बिल्हा के अस्पताल में मरीजों से तमाम स्थापित औपचारिकता की अवहेलना करते हुए पत्रकार महिला मरीज के पास पहुंच जाते हैं और कैमरे से रिकॉर्डिंग करके मरीज की निजता / गोपनीयता भंग करते हैं । केवल कथन के आधार पर इलाज के लिए पैसे की मांग का आरोप लगता है और उसे प्रसारित किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह बगैर किसी अनुमति के पत्रकार अस्पताल भवन के अंदर वीडियो बनाते हैं इस पूरे मामले में सोनोग्राफी रिपोर्ट को भी संदेहास्पद बताया जा रहा है। सोनोग्राफी करने वाले बिलासपुर के डॉक्टर का कहना है कि अर्ली प्रेगनेंसी जांच का निवेदन आया था और वही की गई। जिसमें गर्भ में पल रहे भ्रूण और उसके समय की जानकारी हुई सिस्ट गर्भाशय के अतिरिक्त कहीं था ऐसे में सोनोग्राफी रिपोर्ट को गलत नहीं कहा जा सकता। अस्पताल स्टाफ जिस तरह की भ्रामक एक पक्षीय समाचार की शिकायत कर रहे हैं ऐसी शिकायतें बिल्हा के नाम जड़ रूप से पहले भी हुई है और मामला बिलासपुर आईजी तक आया था। डॉक्टर का कहना है कि हम रोज दिया गया उत्तरदायित्व पूरा करते हैं और अब रोज की भ्रामक एक पक्षीय खबरों से भी परेशान होते हैं।