विधवा महिला के साथ हुए गैंगरेप की आरोपियों को पकड़ पाने में नाकाम अभनपुर पुलिस शर्मसार घटना को अंजाम देने वाले जमीन दलाल आरोपियों की गिरफ्तारी एफआईआर के 75 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं?
Monday, 05 Feb 2024 18:00 pm
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बिलासपुर, 6 फरवरी 2024। पीड़िता ने अपनी आप बीती हमारे संवाददाता को बताई मामला यह है कि पीड़िता अभनपुर इलाके की अपनी जमीन को बेचने के लिए जमीन दलालो के पास गई एक विधवा महिला गैंगरेप की शिकार हो गई, जमीन बिकवाने के नाम पर चार आरोपी महिला को एक फार्म हाउस में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया इसके बाद से आरोपी फरार हो गए
महिला को मिल रहा धमकी
एफआईआर होने के 75 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आरोपियों के द्वारा थाना आकर बयान बदलने की धमकी दिया जा रहा है, आरोपी रसूखदार पहुंच वाला होने के कारण पुलिस के हाथ आरोपियों को पकड़ने में हाथ कांप रही है *पीड़िता का मेडिकल एवं मजिस्ट्रेट की समक्ष बयान हो चुका है एवं एवं घटनास्थल का निरीक्षण व पुलिस बयान हो चुका है*
आरोपी ये है
नरेंद्र सिंह, पवन साहू, दीपेश गिरी, शैलेंद्र साहू, गैंगरेप के आरोपी है, पीड़िता के द्वारा इन लोगों की जानकारी पुलिस को दे चुकी है यह आरोपी दुर्ग - चरोदा के आसपास के जमीन दलाल है जो पुलिस पकड़ से बाहर है
आरोपी को पकड़ने के बाद छोड़ दिया गया
कुछ लोगों के द्वारा बताया गया कि आरोपी नरेंद्र सिंह को पुलिस 23.11. 23 को अभनपुर पुलिस गिरफ्तार कर दूसरे दिन छोड़ दिया गया।आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित महिला धमकी के डर भय के कारण दर-दर भटकने को मजबूर है महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध एवम आरोपियों को मिल रहा पुलिस संरक्षण व आरोपियों को कड़ी सजा नहीं मिल पाने की वजह से पीड़ित महिलाओं के द्वारा मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होना पड़ता है। बयान बदलने को मिल रहा पीड़िता को धमकी
फिर के 75 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आरोपी आजाद पंछियों की तरह घूम रहे हैं वही पीड़ित महिला के रिश्तेदारों के माध्यम से धमकी दिया जा रहा है कि थाना आकर अपना बयान बदल दे नहीं तो अंजाम बुरा होने का धमकी मिलने के कारण महिला आरोपियों के डर से दर-दर भटकने को मजबूर है
अभनपुर थाना प्रभारी के द्वारा मीडिया को गोल-गोल जवाब दिया। इस मामले को लेकर मीडिया लगातार अभनपुर थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह के द्वारा आरोपियों तक पहुंच पाने में असमर्थता जताते हुए बस यही जवाब दिया जाता है की खोज रहे हैं, ढूंढ रहे हैं, मिल नहीं रहा है, जबकि सभी आरोपियों की जानकारी पुलिस के पास होने के बावजूद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पा रहे है आखिर संगीन अपराध के आरोपी कब तक बचते रहेंगे।